आज 'दैनिक जागरण' में बिहार के परसथुआं में 35 हिन्दुओं द्वारा ईसाई धर्म स्वीकार किए जाने के बारे में एक ख़बर शाया हुई है...

परसथुआं (रोहतास)। स्थानीय गिरीश नारायण मिश्र महाविद्यालय के प्रांगण में मंगलवार को 35 हिन्दुओं को बतीस्मा पिला इसाई धर्म स्वीकार कराया गया। धर्म परिवर्तन करने वालों में दलित व गरीब हैं। सभी को गोरिया नदी में पवित्र स्नान कराया गया।

बर्न आउट रिच नेटवर्क पटना के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कैमूर व भोजपुर जिले के अलावा कई जगहों से धर्म परिवर्तन के लिए लोग जुटे थे। पास्टर कन्हैया राम ने कहा कि प्रभू यीशु ने उन्हें दुष्ट आत्मा से मुक्ति दिला इसाई धर्म कबूल करवाया। भोजपुर के रविकुमार, काराकाट के बेतिया देवी, सफरौली के एकादशी राम, सुरेन्द्र पाल, मानिक पासवान, उपेन्द्र साह, रणविजय राय, रामकिशोर सिंह सहित 35 लोगों ने धर्म परिवर्तन किया। मिशन इतना गुप्त रखा गया कि पुलिस को भी भनक नहीं लगी। कोल बहादुर व विनोद कुमार ने बाइबिल का पाठ सुनाकर उन्हें ईसाई बनाया। खुढ़हरिया, खुढ़नू, सकरौली सहित कई गांवों के दलितों ने भी धर्म परिवर्तन किया। प्राचार्य डा. उमाशंकर द्विवेदी ने कहा कि वे महाविद्यालय कार्य से बाहर थे। कार्यक्रम की अनुमति किसने दी इसकी जांच की जाएगी।

थाने की बजती रही घंटियां..
परसथुआं : थाने की बजती रही घंटियां और थानाध्यक्ष का मोबाइल स्वीच आफ रहा। स्थानीय बाजार में इसाई मिशनरीज द्वारा आयोजित धर्म परिवर्तन सभा में थाना से न तो चौकीदार पहुंचा और न हीं थानेदार। लोग थाने के नम्बर पर फोन करते रहे, लेकिन कोई नहीं उठाया। थक-हारकर लोगों ने थानाध्यक्ष के मोबाइल पर फोन किया वह भी स्वीच आफ रहा। कुछ लोगों ने थानाध्यक्ष तारणी प्रसाद यादव को जानकारी दी। श्री यादव ने कहा कि सभा करने की कोई सूचना थाना को नहीं दी गयी है। धर्म परिवर्तन कब और कहां हुआ इससे भी वे सिरे से इंकार गए।

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