स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. केंद्रीय अप्रवासी भारतीय मामले मंत्री वयालार रवि ने जीसीसी देशों, लीबिया, मलेशिया, यमन तथा मालदीव में स्थित मिशनों के प्रमुखों के चौथे वार्षिक सम्मेलन का आज यहां उदघाटन किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन अप्रवासी भारतीय कर्मचारियों द्वारा सामना की जा रही परेशानियों को समझने तथा उनका हल खोजने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आया है और यह उनकी सुरक्षा तथा कल्याण के लिए हमारी प्रतिबध्दता को मज़बूती प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में हमारे कर्मचारी अस्थाई तथा अनुबंध पर होते हैं और वे अनेक वर्ष कठोर जीवन तथा कार्य परिस्थितियों में बिताते हैं। ये लोग अपनी अधिकतर बचत घर भेज देते हैं और ये अक्सर ख़राब स्वास्थ्य तथा खाली हाथ लौटते हैं। यह एक ड़रावना परिपेक्ष्य है कि हजारों कर्मचारी खाड़ी देशों सें वापस आते हैं। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि एक ऐसा कार्यक्रम तैयार किया जाए जो इनकी वापसी पर इनकी उचित आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित कर सके तथा सुरक्षित सेवानिवृत्ति के लिए फिजूलखर्ची को रोका जा सके। अप्रवासी भारतीय मंत्रालय वापसी तथा पुनर्वास कोश की स्थापना करने पर कार्य कर रहा है जो वापस आ रहे कर्मचारियों को लाभान्वित करने में योगदान करेगा।
मंत्री ने बताया कि अप्रवासी भारतीय मंत्रालय आव्रजन को सरल, प्रभावी, पारदर्शी, सुव्यवस्थित तथा मानवीय प्रक्रिया में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबध्द है। मंत्रालय अनियिमित अप्रवास से सही ढंग से निपटने के लिए कानूनी तथा प्रशासनिक उपाय कर रहा है।
वयालार रवि ने बताया कि 17 ईसीआर देशों तथा मालदीव में भारतीय समुदाय कल्याण कोष (आईसीडब्ल्यूएफ) की स्थापना की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अप्रवासी भारतीयों की सुरक्षा क लिए टोल फ्री हेल्पलाईन, काउंसलिंग सुविधा, घर छोडकर भागी घर में काम करने वाली महिलाओं के लिए आश्रय, कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा तथा आपातकालीन राहत सुविधाएं मुहैया कराने जैसी पहलें उनका मंत्रालय कर रहा है। उन्होंने बताया कि अप्रवासी भारतीय कर्मचारियों के कल्याण तथा सुरक्षा के संबंध में मलेशिया, जॉर्डन के साथ तथा सऊदी अरब को छोडकर सभी जीसीसी देशों के साथ सहयोग करने के एक सहतमि पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। ये सहमति पत्र हमारे कर्मचारियों की स्थिति में सुधार के लिए तभी प्रभावी रूप से कार्य कर सकेंगे. यदि संयुक्त कार्य समूह की बैठकें नियमित रूप से होती रहें। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय तथा सऊदी अरब में हमारा मिशन सऊदी अरब के साथ लगातार प्रयास कर रहा है कि सहमति पत्र पर आरंभिक बात संपन्न हो जाए। इसी प्रकार के प्रस्ताव यमन, लीबिया तथा मालदीव के बारे में भी हैं।

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