स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. ओड़िशा सरकार वेदांत नाम की एक व्यापारिक कंपनी द्वारा संचालित विश्वविद्यालय को जनन्नाथ पुरी के निकट समुद्र के किनारे जो 6,000 एकड़ भूमि आंगटित करने जा रही है उसकी समुद्री बालू रेत में ऐसे पदार्थ हैं जिनसे परमाणु ऊर्जा निकल सकती है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन तथा संसदीय कार्य राजयमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने आज राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि परमाणु ऊर्जा विभाग के परमाणु खनिज अन्वेषण तथा अनुसंधान निदेशालय (एएमडी) ने ओड़िशा में मोनाज़ाइट स्रोत युक्त 1.82 मिलियन मीटरी टन थोरियम का पता लगाया है। थोरियम एक उर्वर मूल तत्तव है और भारत के परमाणु विद्युत कार्यक्रम के मीसरे चरण में परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए विखंडय मूल तत्तव के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।

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