स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी) ने निम्न तापमान वाली तापीय विलवणीकरण प्रणाली (एलटीटीडी) पर आधारित समुद्र जल को पेयजल में बदलने की विलवणीकरण प्रौद्योगिकी का देश में डिजाइन तैयार कर उसका प्रदर्शन किया है। यह प्रौद्योगिकी भारत के द्वीप प्रदेशों के लिए कार्यक्षम तथा उपयुक्त है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, प्रधान मंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने आज राज्यसभा में एक एक सवाल के जवाब में बताया कि कावाराती संयंत्र के उत्पादन की आरंभिक अनुमानित लागत विद्युत के प्रभारों के आधार पर 10 पैसे प्रति लीटर थी। प्रदर्शन संयंत्र के उत्पादन की अनुमानित लागत में पूंजी और अन्य स्थायी लागतें शामिल हैं। उत्पादन की प्रचालनात्मक लागत 6-7 पैसे प्रति लीटर है।

उन्होंने बताया कि लक्षद्वीप समूह के कावाराती में एक लाख लीटर प्रतिदिन स्वच्छ जल की उत्पादन क्षमता वाले एलटीटीडी संयंत्र ठीक प्रकार से कार्य कर रहा है और स्थानीय जनता की जरूरतों को काफी हद तक पूरा कर रहा है। इस संयंत्र ने अब तक 155 मिलियन लीटर से अधिक स्वच्छ जल तैयार कर लिया है। उन्होंने बताया कि एनआईओटी लक्षद्वीप द्वीप समूह में एक लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले 3 अन्य संयंत्र अगाती, एण्ड्रोथ और मिनिकॉय में, प्रत्येक में एक-एक स्थापित कर रहा है। अगाती में एक संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य मार्च, 2010 में तथा एक अन्य एलटीटीडी संयंत्र मार्च, 2009 में उत्तरी चेन्नै ताप बिजली केन्द्र, चेन्नै में भी स्थापित किया गया, जो बिजली संयंत्र से निकलने वाली अपशिष्ट ऊष्मा का उपयोग करता है।

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