स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. अनुसूचित जाति एव अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकार को मान्यता) कानून, 2006 को लागू कर रहा है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वन भूमि पर अधिकार के लिए 25 लाख से अधिक दावे दर्ज किए गए हैं और पांच लाख 70 हजार अधिकार पत्र प्रदान किए गए। मंत्रालय ने इस अधिनियम के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन करने के लिए नवंबर में मुख्यमंत्रियों और संबंधित मंत्रियों की बैठक भी बुलायी। प्रधानमंत्री ने राज्यों से इसे पूरी शिद्दत से लागू करने की अपील की।

मंत्रालय ने जलवायु परिवर्तन पर जनजातियों के अनुकूलन ज्ञान को और प्रभावी बनाने के लिए कदम उठाए। उसने उन क्षेत्रों की पहचान के लिए भी कदम उठाए जहां पर्यावरण की दृष्टि से हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उसने जनजातीय क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण नामक स्कीम की समीक्षा भी की तथा जनजातियों की यात्रा, उनके उत्सव के आयोजन, राष्ट्रीय जनजातीय पुरस्कार आदि से संबंधित दिशानिर्देश को भी अंतिम रूप दिया गया। इसके अलावा भी मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

0 Comments

Post a Comment

मौसम

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

Search

कैमरे की नज़र से...

Loading...

इरफ़ान का कार्टून कोना

इरफ़ान का कार्टून कोना
To visit more irfan's cartoons click on the cartoon

ई-अख़बार

उत्तर प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी?

Blog

  • राहुल ने दिखाया विकास का सपना - *फ़िरदौस ख़ान* कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की बागडोर संभाले हुए हैं. अपनी जनसभाओं में वह जिस तरह सांप्रदायिकता, जातिवाद, ...
  • नारी का मन... - *फ़िरदौस ख़ान* एक नारी का मनप्रेमियों के बिना शायद स्थिर नहीं रह पाता...क्या यह सच है...? क्या नारी का मन सचमुच इतना चंचल होता हैकि उसे स्थिर रखने के लिए ए...