स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. सरकार को उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के रूप में महिलाओं की नियुक्ति के लिए उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायमूर्तियों से पर्याप्त प्रस्ताव नहीं प्राप्त हुए हैं। साथ ही सरकार को भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश के रूप में किसी महिला की नियुक्ति के लिए भारत के मुख्य न्यायमूर्ति से कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

विधि और न्याय मंत्री डॉ. एम.वीरप्पा मोइली ने आज लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि सरकार अन्य बातों के साथ उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए बार से महिलाओं का पता लगाने के लिए उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायमूर्तियों से अनुरोध करती रही है। उन्होंने बताया कि देश के उच्च न्यायालयों में 51 महिला न्यायाधीश हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व (दूसरा संशोधन) अधिनियम 2008 द्वारा एक्जिट पोल पर रोक लगा दी गई, संबंधित विधेयक 25 नंवबर, 2009 को राज्यसभा से पारित हुआ।

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