स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. पटसन बैगों के अनिवार्य प्रयोग के आरक्षण मानदंड को कम करके 25 प्रतिशत करने का कोई प्रस्ताव इस समय सरकार के विचाराधीन नहीं है।
वस्त्र राज्य मंत्री पनबाका लक्ष्मी ने राज्यसभा में बताया कि पटसन पैकेजिंग सामग्री (वस्तुओं की पैकिंग में अनिवार्य प्रयोग) अधिनियम, 1987 के तहत खाद्यान्न की पैकेजिंग के लिए पटसन पैकेजिंग सामग्री के आरक्षण से देश में उत्पादित पटसन की लगभग 58 प्रतिशत की खपत होती है। जेपीएम अधिनियम के प्रावधान को लागू करके सरकार पटसन मिलों और सहायक इकाइयों में कार्यरत 37 लाख कामगारों को राहत प्रदान करती है और साथ ही साथ लगभग 40 लाख कृषक परिवारों के जीवनयापन में सहायता करती है। इसके अलावा इससे पर्यावरण को सुरक्षा में सहायता मिलती है क्योंकि पटसन एक प्राकृतिक, बायोडीग्रेडेबल और पुन: प्रयोगयोग्य फाइबर है। देश में खाद्यान्न खरीद में रूकावट से बचने के लिए सभी भागीदारी के साथ परामर्श करने के बाद ही पैकेजिंग मानकों में कमी, यदि कोई हो, की जाती है।

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