स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने कहा है कि हाल ही में सेना अफसरों को अमरीकी कम्पनियों द्वारा उपहार दिए जाने से संबंधित कोई मामला सरकार की जानकारी में नहीं आया है।

उन्होंने आज राज्य सभा में बताया भारतीय सशस्त्र सेनाएं उनके लिए बने अधिनियमों यानी सेना अधिनियम, नौसेना अधिनियम और वायुसेना अधिनियम द्वारा शासित होती है। भ्रष्ट कार्यों में संलिप्त सेना कार्मिकों के विरुध्द कार्रवाई करने के लिए इन अधिनियमों में समुचित प्रावधान विद्यमान है। इसके अतिरिक्त अधिप्राप्तियों खरीदों कार्यों को देने के लिए उपयुक्त जांच और नियंत्रण युक्त सुनिर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन किया जाता है। 75 करोड़ रुपए की ओर उससे अधिक मूल्य की सभी अधिप्राप्तियों खरीद संबंधी निर्णयों कार्य देने के मामलों की नियंत्रक-महालेखापरीक्षक और जहां आवश्यक होता है केन्द्रीय सतर्कता आयोग द्वारा सूक्ष्म जांच विशेष लेखा परीक्षा की जाती है। इसके अतिरिक्त रक्षा अधिप्राप्ति प्रक्रिया, 2008 के अनुसार 100 करोड़ रुपए से अधिक की स्कीमों के लिए एक सत्यनिष्ठा समझौता पर हस्ताक्षर करने के लिए सरकारी विभाग और बोलीदाता के बीच विचार किया जाएगा। जहां कहीं ज़रूरी समझा जाता है, मामले को केन्द्रीय जांच ब्यूरो के पास भी भेजा जाता है।

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं