संजय
नई दिल्ली. वस्त्र मंत्रालय ने इस बात से इनकार किया है कि भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के डीलर तथा अधिकारी विशेषत: आंध्र प्रदेश में, किसानों से कपास की खरीद में, उन्हें धोखा देकर धन कमा रहे हैं।
वस्त्र मंत्रालय में राज्य मंत्री पनबाका लक्ष्मी ने राज्यसभा में कहा कि निगम कृषि बाजार समिति (एएमसी) यार्ड में कपास उत्पादकों से सीधे, न कि किसी डीलर अथवा कमीशन एजेंट के माध्यम से खरीद कर रहा है। 2008-09 के कपास मौसम से कृषि बाजार, आंध्र प्रदेश के निदेशक ने एएमसी बाजार यार्ड में कपास बेचने वाले किसानों की पहचान की जिम्मेदारी ली है इसलिए खरीद में किसी डीलर अथवा कमीशन एजेंट अथवा सीसीआई के अधिकारियों की भागीदारी और उसके द्वारा खरीद में किसानों का धोखा देने का प्रश्न नहीं उठता।
निगम कपास किसानों को गुणवत्ता आधारित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए उचित और पारदर्शी तरीके से खरीद संबंधी क्रियाकलाप करने के लिए सभी प्रयास कर रहा है। कपास किसानों के लाभ के लिए निर्बाध एमएसपी अभियान चलाने के उद्देश्य से निगम ने राज्य सरकार के साथ कई मुद्दे उठाए हैं, जैसे
- नमी के उचित परीक्षण द्वारा गुणवत्ता आधारित मूल्य
- गुणवत्ता और ग्रेड के आधार पर एएमसी में कपास की सुव्यवस्थित नीलामी की व्यवस्था करना।
- बाजार समितियां, सीसीआई द्वारा किसानों को एकांउट पेयी चैक द्वारा समय पर भुगतान की रिलीज के लिए कपास किसानों के खरीद संबंधी कागजात समय पर प्रस्तुत करें।
- समय पर वजन करने के लिए एएमसी में वेजब्रिज की संस्थापना।
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