स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली.
सरकार न्यायाधीशों की जवाबदेही के विषय पर एक नया विधान लाने पर विचार कर रही है। च्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति की विद्यमान प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय अभिलेख अधिवक्ता और अन्य बनाम भारत संघ के मामले में उच्चतम न्यायालय के 6 अक्तूबर 1993 के निर्णय और उच्चतम न्यायालय की 28 अक्तूबर 1998 की परामर्शी राय पर आधारित है।

विधि और न्याय मंत्री डॉ. एम. वीरप्पा मोइली ने आज लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि वर्तमान में इस प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने के लिए सरकार के समक्ष कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने इसके लिए न्यायिक ओम्बडसमैन के गठन के विचार से इंकार किया।

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