ठिठुरन

Posted Star News Agency Saturday, January 02, 2010


महंगाई आसमान पर !
आसमान बोला, "महंगाई,रहो इसी स्थान पर !!"

नए साल का धमाल !
महंगाई ने नाच नचाकर, सचमुच काफी किया कमाल !!

नए साल की मस्ती !
कुछ को महंगी लगी सवेरे, कुछ को उम्मीदों से सस्ती !!

खाद्य पदार्थों के दाम !
महंगाई के घर पर सारे, करते है आकर आराम !!

हादसे !
कान पुलिस के खड़े हुए हैं, यह सुनने के बाद से !!

ठिठुरन !
ऐसा लगता है, ग़रीब की, हो जैसे वो सगी बहन !!

सनसनी !
फैलाकर, मिल गया 'मनी' ??

जश्न !
महंगाई ने खूब रुलाया, इनकम से जब पूछे प्रश्न !!

गिरा पारा !
नंगे बदन, भूख ने पूछा,"जाने क्या हो हश्र हमारा ??"

घना कोहरा !
खुद को खुद ही ढूंढ रहे थे, मिस्टर मोतीलाल वोहरा !!
- अतुल मिश्र

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

  • किसी का चले जाना - ज़िन्दगी में कितने लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें हम जानते हैं, लेकिन उनसे कोई राब्ता नहीं रहता... अचानक एक अरसे बाद पता चलता है कि अब वह शख़्स इस दुनिया में नही...
  • मेरी पहचान अली हो - हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं- ऐ अली (अस) तुमसे मोमिन ही मुहब्बत करेगा और सिर्फ़ मुनाफ़ि़क़ ही तुमसे दुश्मनी करेगा तकबीर अली हो मेरी अज़ान अल...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं