सरफ़राज़ ख़ान
हिसार (हरियाणा). चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने आशंका व्यक्त की है कि मौसम में नमी की अधिकता के कारण सरसों में सफेद चूर्णी व सफेद रतुआ रोग का प्रकोप हो सकता है लेकिन उन्होंने गेहूं की फसल में अच्छे फुटाव व नमी संरक्षण के लिए किसानों को खरपतवारों को निराई-गुडाई करके खेत से निकालने की सलाह दी है।

विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग को भारत मौसम विभाग से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने के कारण अगले दो दिनों में रात के तापमान में गिरावट व सुबह के समय धुंघ छायी रहने की संभावना है। उक्त विभाग के अध्यक्ष डॉ. दीवान सिंह के मुताबिक आपेक्षित पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण 12 जनवरी के बाद बादल छाने व कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने की भी संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 14.0 से 18.0 डिग्री सैल्सियस व न्यूनतम तापमान 2.0 से 6.0 डिग्री सैल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

तापमान में गिरावट की संभावना को देखते हुए वैज्ञानिकों ने सब्जियों व फलदार पौधों में हल्की सिंचाई करने को कहा है। उन्होंने कहा कि फसलों को रात के समय घास-फूस जलाकर धुआं करके भी हवा व कोहरे से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम तापमान के कारण नर्सरी में अंकुरण तथा पौध की बढ़वार प्रभावित होती है जिसे नर्सरी को रात के समय पॉलिथीन शीट से ढककर रोका जा सकता है।

उन्होंने सरसों के सफेद चूर्णी व सफेद रतुआ रोग की रोकथाम के लिए 600 ग्राम डायथेन एम-45 या इन्डोफिल एम-45 या मेन्कोजेब को 250 से 300 लीटर पानी में घोलकर मौसम साफ हो जाने पर प्रति एकड़ छिड़काव करने की सिफारिश की है। खेत में कनकी, मंडूसी, गुल्ली डण्डा या जंगली जई या अन्य चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों की समस्या होने पर 2,4-डी की अपेक्षा ट्रिब्यूनिल या एम्बीनिल या डोसानेक्स 50 प्रतिशत की 800 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ की दर से फसल 35 से 45 दिन की होने पर 250 लीटर पानी में घोलकर दिन में धूप निकलने पर छिड़की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि दिन का तापमान सामान्य से नीचे चले जाने के कारण गेहूं की फसल को भूमि से पोषक तत्वों की पूर्ति कम हो जाती है जिससे पत्तों पर बारीक लाइनें या धब्बे दिखाई दे सकते हैं या पत्ते पीले हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में उन्होंने एक एकड़ फसल पर एक किलोग्राम जिंक सल्फेट तथा 5 किलोग्राम यूरिया को 200 लीटर पानी में घोलकर दोपहर बाद आसमान साफ होने पर छिड़काव करने की सिफारिश की है।

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

  • दोस्तों और जान-पहचान वालों में क्या फ़र्क़ होता है... - एक सवाल अकसर पूछा जाता है, दोस्तों और जान-पहचान वालों में क्या फ़र्क़ होता है...? अमूमन लोग इसका जवाब भी जानते हैं... कई बार हम जानते हैं, और समझते भी हैं, ...
  • दस बीबियों की कहानी - *बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम* कहते हैं, ये एक मौजज़ा है कि कोई कैसी ही तकलीफ़ में हो, तो नीयत करे कि मेरी मुश्किल ख़त्म होने पर दस बीबियों की कहानी सुनूंगी, त...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं