स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के अंतर्गत तीन ऐसे संग्रहालय हैं जहां प्रथम स्वाधीनता संग्राम-1857 से संबंधित दस्तावेज और स्मृति चिह्न संरक्षित हैं। ये हैं - 1857, मेमोरियल संग्रहालय, लखनऊ, मुमताज महल संग्रहालय, लाल किला, नई दिल्ली और स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय, दिल्ली।
1857 मेमोरियल संग्रहालय

यह संग्रहालय लखनऊ में रेजीडेंसी भवन के एनेक्सी में स्थापित किया गया है। इस भवन के भग्नावशेष हमें लखनऊ में 1857 की महान क्रांति की याद दिलाते हैं और ये इसी स्थिति में हैं, जिसमें वे वर्ष 1920 में केन्द्रीय सुरक्षा में आये थे। इस संग्रहालय का डिजायन, 1857 के स्वाधीनता संघर्ष का विहंगम दृश्य प्रस्तुत करने लायक बनाया गया है और इसमें रेजीडेंसी मॉडल, पुरानी तस्वीरें, चित्र, दस्तावेज, बंदूक, कवच, रैंक बेज आदि 511 वस्तुएं हैं।

यह संग्रहालय तस्वीरों, अश्मलेखों और चित्रों के माध्यम से 1857 की क्रांति को एक सिलसिलेवार ढंग से प्रदर्शित करता है। लखनऊ के रणनीतिक स्थलों, 1857 की क्रांति के केन्द्र, आदि के मानचित्र भी हैं। अभी हाल ही में एक नई वीथिका तैयार की गयी है, जिसमें रेजीडेंसी परिसर के दक्षिणी हिस्से से खुदाई में मिले अवशेष प्रदर्शित किए गए हैं।

मुमताज महल संग्रहालय, दिल्ली
इस संग्रहालय में प्रथम स्वाधीनता संग्राम, 1857 से संबंधित 42 सामान है, जिसमें मानचित्र, अश्मलेख, चिट्ठियां, चित्र, अभिलेख, पटौदी के नवाब और बहादुरशाह जफर द्वारा इस्तेमाल हथियार तथा दिल्ली पर कब्जे के दौरान जनरल जे निकोलसन द्वारा इस्तेमाल फील्ड ग्लास आदि शामिल हैं।

स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय, दिल्ली
इसकी स्थापना लाल किले के अंदर एक दो मंजिला बैरक में 1995 में की गई । प्रथम स्वाधीनता संग्राम में लाल किला का खास महत्व था। यह संग्रहालय 1857 की क्रांति के पूर्व की स्थिति से लेकर प्रथम स्वाधीनता संग्राम तथा 15 अगस्त, 1947 तक के स्वाधीनता आंदोलन की व्यापक तस्वीर पेश करता है। इसमें 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम से जुडे अश्मलेख, हथियार, पत्र आदि 14 चीजें हैं। भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण प्राचीन स्मारक पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के तहत इन संग्रहालयों का प्रबंधन एवं विकास संभालता है।

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