स्टार न्यूज़ एजेंसी
चंडीगढ़. जिला अम्बाला को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के तहत बेहतर कार्यप्रणाली के आधार पर राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार 2 फरवरी को विज्ञान भवन दिल्ली में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाएगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी एक्ट के चार वर्ष पूरा होने के उपलक्ष में दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में भारत के प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगी। यह पुरस्कार वर्ष 2008-09 की कार्यप्रणाली के आधार पर प्रदान किया गया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए देश के 18 रायों के 24 जिलों का चयन किया गया है जिनमें अम्बाला जिला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में केवल अम्बाला जिला को ही यह पुरस्कार हासिल करने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस पुरस्कार के लिए गहन समीक्षा के उपरांत बेहतर कार्यप्रणाली और योजना के सभी पहलूओं के आधार पर अच्छे कार्य की समीक्षा के उपरांत जिलों का चयन किया जाता है और अम्बाला जिला में अधिकारियों व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा इस क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के कारण ही यह पुरस्कार हासिल हुआ है। उन्होने बताया कि जिला अम्बाला में हर्बल पार्क, ड्रेनेज निर्माण और चैक डैम की परियोजनाओं की राष्ट्रीय स्तर की समीक्षा समिति द्वारा विशेष प्रंशसा की गई है।
उन्होंने जिला में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी एक्ट की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि अम्बाला में यह एक्ट वर्ष 2007-08 में लागू किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007-08 से अब तक जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर 40 करोड़ 38 लाख, 26 हजार रुपए की राशि खर्च की गई है। इस राशि से 1861 विकास कार्य किये गये हैं जिनमें तालाबों का निर्माण, पुराने तालाबों की गाद निकालना, ड्रेनों की खुदाई, पौधारोपण, नर्सरी सृजन, हर्बल पार्क, चैक डैम और सम्पर्क सडकों के निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि इस एक्ट के तहत जिला में 30082 परिवारों को पंजीकृत किया गया है और इनमें से काम करने के इच्छुक 27338 परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है। इनमें से 6189 परिवारों में 100 दिन के रोजगार की अवधि पूरी कर ली है और इस कार्य में 49 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी होने के साथ साथ 68 प्रतिशत अनुसूचित जाति के परिवारों को भी रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस एक्ट के तहत काम करने के इच्छुक व्यक्ति को 100 दिन का रोजगार दिया जाना अनिवार्य है और यह रोजगार हासिल करने के लिए सम्बन्धित व्यक्ति को ग्राम पंचायत के पास अपना पंजीकरण करवाना होता है। पंजीकरण के उपरांत पंचायत द्वारा काम करने के इच्छुक परिवार को जॉब कार्ड जारी किया जाता है और गांव में विकास के लिये तैयार की गई योजनाओं के तहत उन्हे रोजगार प्रदान किया जाता है। इस योजना में कुल राशि का 60 प्रतिशत मजदूरी पर तथा 40 प्रतिशत पक्के काम पर खर्च किया जा सकता है।

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