स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. कृषि का यंत्रीकरण और बागवानी फसलें, हरित आवास, आच्छादित कृषि, पशु एवं मत्स्य उत्पादन आदि ऐसे नए उभरते क्षेत्र हैं जिनपर खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अधिक ध्यान देने की जरूरत है। भारतीय कृषीय अभियंता संस्था के तीन दिवसीय सम्मेलन के उड़घाटन अवसर पर कृषि, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री प्रो. के.वी.थॉमस ने आज ये विचार व्यक्त किए।
प्रो. थॉमस ने बताया कि खासतौर पर गन्ना कटाई में उपयोग की जाने वाली विशेष मशीनरी के साथ गन्ना खेती में यंत्रीकरण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कृषीय अभियंताओं से खेती अभियानों में सुधार के लिए हल्के और कम लागत के विद्युत यंत्र और मशीनरी बनाकर पर्वतीय खेती और छोटे फार्मों के यंत्रीकरण में प्राथमिकता लाने को कहा। उन्होंने कहा कि कुछ आशाजनक प्रौद्योगिकियों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है। इनका व्यापक तौर पर प्रदर्शन करने की जरूरत है, ताकि कृषि समुदाय इन्हें अपना सके।
सिंचित कृषि की व्यक्तिगत चुनौतियों का संदर्भ देते हुए प्रो. थॉमस ने सिंचाई और जल प्रबंधन के क्षेत्र में अनुसंधान विकास और क्षमता निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अभियंताओं, वैज्ञानिकों, अतिरिक्त एजेन्टों और सिंचाई कर्ताओं के प्रशिक्षण में महत्त्वपूर्ण निवेश किया जाएगा।

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