स्टार न्यूज़ एजेंसी
कैथल (हरियाणा). चीनी मिल ने जिले में गन्ने का रकबा 3500 एकड़ से बढ़ाकर 10000 एकड़ करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे गन्ने की पैदावार में बढ़ोतरी से मंहगाई पर काबू पाया जा सकेगा।
जिले गांव सीवन के किसानों ने जिला भर में सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में खूब नाम कमाया है, क्योंकि यहां के अधिकतर प्रगतिशील किसान आलू व अन्य सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इन किसानों की आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत करने व गन्ने का रकबा बढ़ाने के लिए कैथल चीनी मिल द्वारा इन सब्जी उत्पादक किसानों को गन्ने की मिश्रित खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
चीनी मिल के प्रबन्ध निदेशक व एस.डी.एम. हवा सिंह पचार ने बताया कि इस अभियान को सीवन बनेगा आदर्श गन्ना गांव का नाम दिया गया है। सीवन गांव को आदर्श गन्ना गांव के रूप में विकसित करने के लिए चीनी मिल के गन्ना विकास निरीक्षक रामपाल सिंह क्योड़क (मोबाइल न. 94168-22124), हरमीत सिंह (मोबाइल न. 94168-33911), गन्ना कामदार सुभाष चन्द (मोबाइल न. 94163-83421) व भूपिन्द्र सिंह सीवन (मोबाइल न. 98965-54073) की एक टीम गठित की गई है। यह टीम किसानों को सब्जियों के साथ-साथ गन्ना बिजाई के लिए प्रेरित करेगी और उन्हें गन्ने का बीज, खाद व दवाई आदि ब्याज मुक्त ऋण व अनुदान पर उपलब्ध करवाएगी।
किसानों को गन्ना बिजाई, खुदाई, बंधाई व छिलाई के लिए मशीन तथा लेबर उपलब्ध करवाने के लिए भी टीम पूरा सहयोग देगी। उन्होंने सीवन क्षेत्र के किसानों का आह्वान किया कि वे आलू की फसल के बाद फरवरी-मार्च के दौरान धनिया, भिंडी, टिंडा, चप्पन कद्दू, मक्का, खीरा, ककड़ी व खरबूजे की फसल के साथ यादा से यादा गन्ना बिजाई करके गन्ने की रिकार्ड पैदावार लेकर यादा से यादा मुनाफा कमाएं।
उन्होंने कहा कि चालू सीजन के दौरान यह पाया गया है कि प्रदेश में गन्ने की प्रति एकड़ बम्पर फसल होने से गन्ना उत्पादक किसानों के वारे-न्यारे हो गए हैं और वे एक लाख रुपए से अधिक की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। हरियाणा में यमुनानगर-शाहबाद क्षेत्र को प्रदेश की गन्ना बैल्ट के रूप में जाना जा रहा है जबकि यहां के किसान गन्ने की फसल के साथ-साथ सब्जियां उगाकर खूब रुपया कमा रहे हैं और उनका जीवन स्तर ऊंचा हो गया है।
इस क्षेत्र के अधिकतर किसान आलू उखाड़ने के बाद गन्ने की रिकार्ड पैदावार लेते हैं, क्योंकि आलू की फसल में यादातर किसान पोटाश खाद का इस्तेमाल करते हैं, जो गन्ने की फसल के लिए रामबाण साबित होती है। कम जमीन में अधिक पैदावार लेना समय की मांग बन गया है। जिले के कुछ किसान मिश्रित खेती तथा फसलों का विविधिकरण अपनाकर न केवल अच्छी आय व उत्पादन ले रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए अनुकरणीय भी है।
इस दिशा में कार्य करते हुए मिश्रित खेती में रसीना के किसान महेंद्र सिंह ने महारत हासिल की है। उसने चालू सीजन में एक एकड़ में 600 से 800 क्विंटल गन्ने का उत्पादन लिया है। जो यहां के किसानों के लिए अनुसरणीय है। किसानों को चाहिए कि वे गड्डा और ट्रैंचिंग विधि से गन्ने की खेती करके प्रति व्यक्ति आय में वृध्दि करने का काम करें।
मिल के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि उधर, फरवरी माह में कैथल शुगर मिल परिसर में किसानों का सम्मेलन बुलाया जाएगा, जिसमें प्रगतिशील किसानों के साथ-साथ अन्य किसान भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें किसानों को प्रति एकड़ उत्पादन बढ़ाने बारे गुर भी बताए जाएंगे।


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