स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. जिन लोगों की किडनी फेल हो जाती हैं, वे अकसर 'नेचुरल' आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं. ओवर द काउंटर दवाएं या एलोपैथी की दर्द निवारक दवाओं से किडनी फंक्शन की स्थिति बदतर हो सकती है। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के डॉ. केके अग्रवाल के मुताबिक अमेरिकन जर्नल ऑफ किडनी डिसीसिज में प्रकाशित एक अध्ययन में जिसमें क्रोनिक किडनी इनसफिसिएंसी के 87 रोगियों में से 65 में दवा संबंधी समस्या पाई गई. इसके परिणामों में सुझाया गया है कि नियमित तौर पर लेखा जोखा और ओवर द काउंटर दवाओं का उचित प्रबंधन और प्राकृतिक उत्पाद जिसको कम्युनिटी फार्मासिस्ट के हिसाब से लिया जाता है, वह नुकसानपरक हैं.

ओवर द काउंटर ड्रग्स, हर्बल मेडिसिन और अन्य प्राकृतिक उत्पाद खासकर उनमें घातक होती हैं जिनकी किडनी फंकशनिंग कमजोर होती है जिसको चिकित्सा की भाशा में 'क्रोनिक रीनल इनसफिसिएंसी के नाम से जानते हैं.' इस तरह की दवाएं लेने से सीधे किडनी डैमेज हो सकती है या फिर अन्य दवा जो मरीज लेता है, उससे नुकसान हो सकता है.

शोधकर्ताओं ने 46 मरीजों का इंटरव्यू लिया जो हल्के रीनल इनसफिसिएंसी के ओर 41 गंभीर रीनल इनसफिसिएंजी के शिकार थे. कुल मिलाकर मरीजों ने 66 अलग-अलगर ओवर द काउंटर दवाओं और 25 भिन्न प्राकृतिक उत्पादों आमतौर पर दर्द से राहत या खांसी अथवा ठंड से आराम पाने के लिए दवाएं लीं. इनमें से 49 फीसदी ओवर द काउंटर ड्रग्स डॉक्टर या फार्मासिस्ट द्वारा सुझाई गईं, जबकि प्राकृतिक उत्पाद वालों की ऐसी तादाद 19 फीसदी थी.

आठ मरीजों ने कम से कम ओवर द काउंटर की एक भी दवा का इस्तेमाल नहीं किया, जबकि 27 ने ओवर द काउंटर दवा का इस्तेमाल चेतावनी के बाद भी किया. तीन मरीज जो हर्बल मेडिसिन का इस्तेमाल करते थे. उन्होंने इसका इस्तेमाल नहीं किया, जबकि 7 मरीजों ने हर्बल मेडिसिन का इस्तेमाल इसकी चेतावनी के बावजूद किया. एक डॉक्टर या फार्मासिस्ट के सुझाव के बाद ओवर द काउंटर ड्रग्स 13 फीसदी खतरनाक होती हैं, जबकि प्राकृतिक उत्पाद 6 फीसदी खतरनाक होते हैं.

शोधकर्ताओं ने 65 ड्रग संबंधी समस्याओं के मामले पाए. इनमें से 42 कम से कम एक उत्पाद कैल्षियम या मैग्नीशियम का था; 23 मरीज प्राकृतिक उत्पाद इस्तेमाल करने वाले थे जिनमें ग्लूकोसमाइन शामिल था जिससे ब्लड षुगर पर असर होता है. लहसुन के सप्लीमेंट से ब्लड थिनिंग ड्रग्स पर असर हो सकता है और एकिनैसिया से सीधे किडनी फंक्शन पर असर होता है.

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Blog

  • आलमे-अरवाह - मेरे महबूब ! हम आलमे-अरवाह के बिछड़े हैं दहर में नहीं तो रोज़े-मेहशर में मिलेंगे... *-फ़िरदौस ख़ान* शब्दार्थ : आलमे-अरवाह- जन्म से पहले जहां रूहें रहती हैं दहर...
  • अल्लाह और रोज़ेदार - एक बार मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह तआला से पूछा कि मैं जितना आपके क़रीब रहता हूं, आप से बात कर सकता हूं, उतना और भी कोई क़रीब है ? अल्लाह तआला ने फ़रमाया- ऐ म...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

Like On Facebook

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं