होली तो अब सामने खेलेंगे सब रंग।
महंगाई ऐसी बढ़ी फीका हुआ उमंग।।

पैसा निकले हाथ से ज्यों मुट्ठी से रेत।
रंग दिखे ना आस की सूखे हैं सब खेत।।

एक रंग आतंक का दूजा भ्रष्टाचार।
सभी सुरक्षा संग ले चलती है सरकार।।

मौसम और इंसान का बदला खूब स्वभाव।
है वसंत पतझड़ भरा आदम हृदय न भाव।।

बना मीडिया आजकल बहुत बड़ा व्यापार।
खबरों के कम रंग हैं विज्ञापन भरमार।।

रंग सुमन का उड़ गया देख देश का हाल।
जनता सब कंगाल है नेता मालामाल।।
-श्यामल सुमन

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

  • राहुल गांधी को समर्पित एक ग़ज़ल - भारत की मुहब्बत ही इस दिल का उजाला है आंखों में मेरी बसता एक ख़्वाब निराला है बेटा हूं मैं भारत का, इटली का नवासा हूं रिश्तों को वफ़ाओं ने हर रूप में पाला है...
  • क्या आप जानते हैं - सवाल : पहले जुम्मा किसने क़ायम किया ? जवाब : हज़रत असद बिन जुरारह ने सवाल : क़यामत के दिन सबसे पहले लोगों के दरमियान किस चीज़ का फ़ैसला होगा ? जवाब : ख़ून का सवाल...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं