चांदनी
नई दिल्ली. परंपरागत भारतीय हल्दी से हार्ट फेल्योर कोलोस्ट्रॉल स्तर, कैंसर, गॉल स्टोन और जख्म में स्कार फार्मेशन से बचाव संभव है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के कार्डियोलॉजी विभाग में किये गए अध्ययन और द जर्नल ऑफ क्लीनिकल इंवेस्टीगेशन में प्रकाशित रिपोर्ट में दिखाया गया है कि हल्दी में पाया जाने वाला करक्युमिन लेने से जिन चूहों में हार्ट् (हाइपरट्रॉफी) बढ़े हुए हैं, इससे हाइपरट्रॉफी मे बचाव संभव है साथ ही हार्ट फेल्योर, हार्ट फंक्शन और स्कार फार्मेशन जैसी समस्याओं से बचाव होता है।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल के मुताबिक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने चूहों को करक्युमिन दिया। उसके बाद चूहों पर सर्जरी या हार्ट फेल्योर के लिए तैयार की गई दवाओं का इस्तेमाल किया गया। जिन चूहों ने करक्युमिन लिया, उनमें हार्ट फेल्योर और इन्फ्लेमेशन नहीं हुआ बनिस्बत उन चूहों के लिए जिन्होंने करक्युमिन नहीं लिया। करक्युमिन उपचार से हार्ट इनालार्जमेंट भी उल्टा हो जाता है। हालांकि करक्युमिन षॉर्ट सर्किटिड के द्वारा हार्ट इनलार्जमेंट प्रक्रिया कैसे किया अभी तक स्पश्ट नहीं है।

हल्दी को वैसे भी औषधि के रूप में जाना जाता है। इसे भारतीय परंपरा में जख्म हो जाने पर देसी दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के तौर पर जब कहीं कोई खरोंच या चोट लग जाए तो उसमें हल्दी पाउडर को इस्तेमाल करते हैं, इससे बिना दाग रहे राहत मिलती है। करक्युमिन हाल ही के वर्षों में वैज्ञानिक दृष्टि से चर्चा में रही साथ ही अध्ययनों में इसकी महत्ता को दर्शाया गया कि इससे कोलेस्ट्रॉल स्तर कम होता है साथ दिल की बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है व कैंसर से बचाव होता है।

दवा के तौर पर हल्दी को हर बार यानी दिन में तीन दफा 300 एमजी लेते हैं। इससे एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेट्री, एंटी रूमैट्रिक, कोलेस्ट्रॉल में कमी, एंटी कैंसर, गॉल स्टोन से बचाव जैसी महत्पूर्ण क्रियाएं होती हैं। इसके साथ ही हल्दी को डिस्मेनोरिया, डिस्पेप्सिया, एचआईवी, मसल सोरनेस, पेप्टिक अल्सर डिसीज, स्कैबीज और यूवीटिस जैसी समस्याओं में भी फायदेमंद पाया गया है।

करक्युमिन की क्रिया रेडिकल स्कैवेंजर्स, इनहिबिटर्स ऑफ ल्यूकोटरीन्स और प्रोस्टैग्लैंडिन सिंथेसिस की तरह स्वतंत्र होती है। इसकी एंटी इन्फ्लेमेट्री एक्टिविटी को एनएसएआईडी (जैसे इंडोमीथैसिन) से तुलना की जाती है। करक्युमिन से ब्लड लिपिड पीरॉक्साइड में कमी होती है, टोटल कोलेस्ट्रॉल में कमी व एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। हल्दी को प्लेटलेट एग्रेगेशन को रोकने के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Blog

  • आलमे-अरवाह - मेरे महबूब ! हम आलमे-अरवाह के बिछड़े हैं दहर में नहीं तो रोज़े-मेहशर में मिलेंगे... *-फ़िरदौस ख़ान* शब्दार्थ : आलमे-अरवाह- जन्म से पहले जहां रूहें रहती हैं दहर...
  • अल्लाह और रोज़ेदार - एक बार मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह तआला से पूछा कि मैं जितना आपके क़रीब रहता हूं, आप से बात कर सकता हूं, उतना और भी कोई क़रीब है ? अल्लाह तआला ने फ़रमाया- ऐ म...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

Like On Facebook

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं