चांदनी
नई दिल्ली. सर्जरी कराने वाले मरीज हर्बल दवाएं खूब ले रहे होते हैं. इनमें से कुछ फिजियोलॉजिक प्रभाव के लिए लेते हैं जो कि समय के अनुसार असर डालती हैं, जिनमें क्लॉटिंग डिसआर्डर और एनेस्थेटिक्स के साथ इनटरेक्शन शामिल हैं.

 
हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल के मुताबिक़ अधिकतर मरीज सर्जरी से पहले इसे डाक्टर को नहीं बताते. हालांकि ऐसे कोई प्रमाण मौजूद नहीं हैं जिससे कहा जा सके कि हर्बल दवाएं लेने से सर्जरी में फायदा होता है और ऐसी वजह हैं जिनसे साबित होता है कि सर्जरी से पहले इन दवाओं को कम से कम तय दिनों से पहले बंद कर देना चाहिए अन्यथा नुकसान होता है.
  • ईफेड्रा (मा हुआंग) से हृदयाघात और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है और सर्जरी से 24 घंटे पहले रोक देनी चाहिए.
  • लहसुन से रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है और इसे ऑपरेशन कराने से सात दिन पहले लेना बंद कर देना चाहिए.
  • गिंक्गसैंग से भी रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है और इसे सर्जरी के 36 धंटे पहले से लेना बंद कर दें.
  • गिंक्गसैंग से ब्लड शुगर स्तर कम होता है और इससे रक्तस्राव का खतरा भी बढ़ सकता है इसलिए इसको सर्जरी के सात दिन पहले लेना बंद कर दें.
  • कावा से एनेस्थेटिक्स रोगियों में सीडेटिव असर बढ़ सकता है इसलिए इसे कम से कम 24 घंटे पहले लेना बंद कर दें. कावा और फैटल हीपैटोटॉक्सिसिटी के बीच के संबंध के बारे में फूड एंड ड्रग एडमिनिसट्रेशन ने सुरक्षा सबंधी सतर्कता जारी की है.
  • सेंट जान्स वॉर्ट से कई तरह की दवाओं का साइटोक्रोम पी 450 एन्जाइम का असर होता है इसलिए इस पर सर्जरी से पहले कम से कम पांच दिन पहले से रोक लगा देनी चाहिए.
  • वैलेरियन का एनेस्थेटिक्स में सीडेटिव असर बढ़ सकता है जिसका सम्बंध बेंजोडियाजेपाइन जैसे विदड्रावल से है. इसके जारी न रखने का कोई आंकड़ा नहीं है. वैसे इसे सर्जरी के हफ्तों पहले बंद कर देना चाहिए और अगर ऐसा नहीं किया गया तो विदड्रावल को बेंजोडियाजेपाइन्स की तरह उपचार होगा.
  • एकिनेसिया का संबंध एलर्जी संबंधी रीएक्शन और इम्यून सप्रेशन से है. इसको कब से नहीं लेना चाहिए के बारे में कोई आंकड़ा नहीं है.
संदेश जो धर तक ले जाएं : हर्बल ड्रग्स को सर्जरी के कम से कम एक हफ्ते पहले बंद कर दें.

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Blog

  • अल्लाह की रहमत से ना उम्मीद मत होना - ऐसा नहीं है कि ज़िन्दगी के आंगन में सिर्फ़ ख़ुशियों के ही फूल खिलते हैं, दुख-दर्द के कांटे भी चुभते हैं... कई बार उदासियों का अंधेरा घेर लेता है... ऐसे में क...
  • एक दुआ, उनके लिए... - मेरे मौला ! अपने महबूब (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के सदक़े में मेरे महबूब को सलामत रखना... *-फ़िरदौस ख़ान*
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

Like On Facebook

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं