चांदनी
नई दिल्ली.   सिगरेट पीने को छोड़ने पर होने वाले फायदों पर अब कोई संदेह नहीं है। जो लोग हृदय बीमारी के शिकार हैं, उनमें हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव के तौर पर धूम्रपान त्यागने पर 7 से 47 फीसदी तक असर कम होता है। ऐसे ही फायदे हृदय संबंधी बीमारी के शिकार मरीजों में देखे गए।

हार्ट केयर फाउंडेशन   ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल  के मुताबिक़  जितनी जल्दी धूम्रपान छोड़ें, उतने ही ज़्यादा फ़ायदे मिलेंगे.

  • जो लोग 50 की उम्र से पहले धूम्रपान त्याग देते हैं, उनमें अगले 15 सालों में इससे होने वाले खतरे खत्म हो जाते है बनिस्बत उन लोगों के जो लगातार धूम्रपान करते रहते हैं।
  • सिगरेट पीने से हृदय संबंधी बीमारी का खतरा होता है और धूम्रपान बंद कर देने से इसमें तेजी से गिरावट आती है।
  • धूम्रपान छोड़ने के एक साल बाद हृदय संबंधी बीमारी से होने वाली मौत में 50 फीसदी की कमी आ जाती है और अगर इसे लगातार जारी रखा गया तो खतरा और कम होता जाता है।
  • धूम्रपान त्यागने के दो सालों बाद हार्ट अटैक के खतरे में कमी गैर धूम्रपान वालों के समान हो जाती है।
  • अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों में जो धूम्रपान बंद कर देते हैं तो उनके आगे फेफड़ों को नुकसान नहीं होता।
  • फेफड़ों के कैंसर की वजह 90 फीसदी में सिगरेट पीना होता है। धूम्रपान त्यागने से फेफड़े के कैंसर में अगले पांच सालों में कमी लाई जा सकती है और 15 सालों में यह कमी गैर धूम्रपान करने वालों के जितनी हो जाती है।
  • गैर धूम्रपान करने वालों में जितना खतरा ऑस्टियोपोरोसिस का होता है, वह धूम्रपान के त्यागने के 10 सालों में हासिल होता है।
  • जब आप धूम्रपान त्यागते हैं तो इससे आपका वज़न बढ़ सकता है क्योंकि इसे बंद करने के बाद लोग ज्यादा खाने लगते हैं। पहले दो हफ्तों में 2 से 5 पाउंड और अगले चार से पांच महीनों में यह चार से 7 पाउंड तक वज़न बढ़ सकता है। औसतन वज़न में बढ़ोतरी 8 से 10 पाउंड होती है। धूम्रपान बंद कर देने का सम्बंध व्यायाम के कार्यक्रम पर भी पड़ता है और सही खुराक लेकर वज़न को नियंत्रित रखा जा सकता है। इस तरह धूम्रपान त्यागने के फायदे कहीं ज्यादा हैं बनिस्बत महज वज़न बढ़ने के नुकसान के।

धूम्रपान और हृदय



  • एक दिन में 20 सिगरेट पीने से महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा 6 गुना बढ़ जाता है।
  • एक दिन में 20 सिगरेट पीने से पुरूशों में हार्ट अटैक का खतरा 3 गुना बढ़ जाता है।
  • प्हली बार हार्ट अटैक के लिए धूम्रपान 36 फीसदी मरीजों में जिम्मेदार होता है।
  • ऐसे हृदय रोगी जो लगातार धूम्रपान करते रहते हैं उनमें दूसरे हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है साथ अकस्मात मौत का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • बाई पास सर्जरी के बाद लगातार धूम्रपान करते रहने से मृत्यु, हृदय सम्बंधी बीमारी से मौत या फिर से बाईपास का खतरा ज्यादा होता है।
  • एंजियोप्लास्टी के बाद लगातार धूम्रपान करने से मौत और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
  • जिन मरीजों में हार्ट फंक्शनिंग 35 फीसदी से कम हो, उनमें धूम्रपान से मौत का खतरा अधिक होता है।
  • जो लोग लगातार धूम्रपान करते रहते हैं, उनमें हो सकता है कि ब्लड प्रेशर की दवाएं असर न करें।


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