स्टार न्यूज़ एजेंसी
आगरा (उत्तर प्रदेश). ताजमहल के शहर आगरा में मुगलिया धरोहरों के इर्द-गिर्द अवैध निर्माणों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि से संरक्षित स्मारकों को खतरा पैदा हो गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) के सूत्रों के अनुसार आगरा में 197 स्मारक संरक्षित श्रेणी में हैं, जिनमें ताजमहल, आगरा किला और सिकंदरा यूनेस्को की विश्व धरोहरों में शुमार हैं।  

अवैध निर्माणों का घेरा इन इमारतों के आस पास कसता जा रहा है जिससे प्रदूषण के अलावा स्मारको को नुकसान पहुंचने की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। एएसआई ने पिछले नवंबर से निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देना बंद कर दिया है। इसके बावजूद ताजमहल के पास अवैध निर्माण हो रहे हैं जिन पर अंकुश लगाने में प्रशासन असफल रहा है। चौंका देने वाली बात यह है कि सिकंदरा और एत्माद्दौला क्षेत्र के अलावा ताजमहल के पास अवैध निर्माणों की दर्जनों शिकायत पुलिस प्रशासन में की गई है लेकिन अभी तक कोई परिणाम नहीं निकला। हालांकि अवैध निर्माण को लेकर उच्चतम न्यायालय में एडवोकेट कमिश्नर कृष्ण महाजन द्वारा पूरा ब्यौरा पेश किया जा चुका है।

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