चांदनी
नई दिल्ली. बच्चों द्वारा खाने के अलावा चीजों के खाने को मेडिकल में पीका नाम से जानते हैं। बच्चों द्वारा खाई जाने वाली ऐसी चीजें हो सकती हैं:- चिकनी मिट्टी, बालू, प्लास्टर, चाक, खाने वाला सोडा, माचिस की तीली का अगला हिस्सा, कागज, दंत मंजन और साबुन।

पीका को गंभीर खाने की समस्या माना गया है और आइरन की कमी (एनीमिया) की आशंका बढ़ जाती है। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल के मुताबिक़ आइरन या जिंक की कमी से पीका की समस्या और घातक हो सकती है। मिट्टी के तत्व जैसे चिकनी मिट्टी या कूड़ा को 'जीयोफैजिया' कहा जाता है। इसकी वजह से आइरन की कमी हो जाती है और आगे चलकर आइरन की कमी से जीयोफैजिया होने का खतरा बढ़ जाता है।

कुछ लोग परंपरा के रूप में चिकनी मिट्टी या कूड़ा खाते हैं, इसके पीछे उनका विश्वास होता है कि इससे नौजिया, डायरिया पर काबू, थूक बढ़ाता है और टॉक्सिन को हटाने में मदद मिलती है। पीका धार्मिक कांडों, फोक मेडिसिन और जादूगरों द्वारा भी ली जाती है। कुछ पुराने ख्याल के लोग मानते हैं कि मिट्टी खाने से उन्हें अंदरूनी शक्ति मिलती है। जो भी इस तरह की चीजों के खाने में संलिप्त होता है, उसमें पौश्टिकता की कमी देखी जा सकती है। दो साल से ऊपर का कोई भी बच्चा अगर ऐसी चीजें खाता है तो उसे चिकित्सीय जांच कराई जानी चाहिए।

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

  • दोस्तों और जान-पहचान वालों में क्या फ़र्क़ होता है... - एक सवाल अकसर पूछा जाता है, दोस्तों और जान-पहचान वालों में क्या फ़र्क़ होता है...? अमूमन लोग इसका जवाब भी जानते हैं... कई बार हम जानते हैं, और समझते भी हैं, ...
  • दस बीबियों की कहानी - *बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम* कहते हैं, ये एक मौजज़ा है कि कोई कैसी ही तकलीफ़ में हो, तो नीयत करे कि मेरी मुश्किल ख़त्म होने पर दस बीबियों की कहानी सुनूंगी, त...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं