चांदनी
नई दिल्ली. सोलोबैक्टीरियम मूरी (Solobacterium moorei ) एक ग्राम-पॉजिटिव एनीरॉबिक बैसीलस है जो मूलत: आइसोलेटिड की वजह से मानव में प्रभावित करती है और इसकी वजह से क्रोनिक बैड ब्रेथ या हैलीटॉसिस की समस्या होती है।

लगातार सांस से बदबू आने की वजह से अक्सर चेहरे में बैक्टीरिया के कारण होते हैं और इससे सल्फर तत्व की महक आती है जो जुबान पर जम जाती है। बफैलो स्कूल ऑफ डेंटल मेडिसिन, स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयार्क के बेट्सी क्लार्क के अध्ययन के मुताबिक जिनमें 21 ऐसे लोगों को शामिल किया गया जिनकी सांस में बदबू आती थी और 36 ऐसे लोगों को शामिल किया गया जो इस समस्या के शिकार नहीं थे। महज चार मामलों में तुलना करने पर हैलीटॉसिस के हर मरीज में एस मूरी पाये गए।

एंटीबैक्टीरियल टूथपेस्ट से रोजाना दो बार ब्रश करना और जीभी के इस्तेमाल से क्रोनिक और सांस में बदबू संबंधी समस्याओं से निजात मिल सकती है। बैड ओरल हाइजीन का संबंध हृदय सम्बंधी बीमारी के बढ़ते खतरे से है। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल के मुताबिक सांस में बदबू आने से जुड़ी बीमारिया हैं- जिनजीवाइटिस, पोस्टनैसल ड्रिप, सिस्टमिक इलनेस। सांस में बदबू की वजह को समाप्त किया जा सकता है अगर उचित तरीके से दांतों की देखभाल की जाए।
  • जीभ को अच्छी तरह से साफ करना चाहिए।
  • रिंनसिंग और अच्छे से कुल्ला करना चाहिए ताकि मुंह को कायदे से साफ किया जा सके।
  • जब व्यक्ति कुल्ला करे तो जुबान को बाहर निकालें।
  • नाश्ते में खासतौर से फाइबर वाला भोजन लें।
  • अगर मुंह सूख जाए तो पांच मिनट तक ब्रीफ गम चबाएं और खासकर खाना खाने के बाद प्रोटीन लें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी लें।
अगर बैक्टीरिया होता है तो एंटीबायोटिक्स लेने से अस्थायी तौर पर आराम मिलता है। हर व्यक्ति को चाहिए कि दांतों को अच्छी तरह से साफ करें साथ ही सफाई करने के दौरान विशेष सावधानी बरतें। साफ करने में दांतों के पिछले हिस्से को बेहतर ढंग से साफ करना चाहिए। जीभ को साफ करने के लिए अंदर तक सफाई करनी चाहिए, आप जुबान के पिछले हिस्से की सफाई के लिए 10 सेमी या इससे अधिक की चौड़ाई की जीभी से साफ करते हैं। बलगम को साफ करने का आधारभूत विचार कोशिकाओं का छिलना और अन्य कचरा होता है।

कुछ ऐसे माउथवाश होते हैं जिनमें ऐसे तत्व (उदाहरण एल्कोहल, सोडियम डॉडीसिल सल्फेट, स्ट्रांग आक्सीडाइजिंग एजेंट्स) होते हैं जो ओरल टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ज्यादातर मुंह को साफ करेन वाले अल्पकालीन प्रयोग संभवत: 0.2 फीसदी क्लोरीक्सीडाइन ग्लूकोनेट वाले होते हैं। माउथवाश को इस्तेमाल करने का सबसे बढ़िया समय बेडटाइम जाने से पहले और लम्बे समय तक मुंह को साफ करें साथ ही इनका व्यापक असर होता है। बैक्टीरिया की वजह से भी सांस में बदबू संबंधी समस्या होती है और यह रात के समय सबसे ज्यादा होता है जिस समय सलाइवा शून्य हो जाता है व माइक्रोबायल एक्टिविटी सबसे ज्यादा होती है।

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