सरफ़राज़ ख़ान
नई दिल्ली. मध्यम उम्र महिलाएं जो रोजमर्रा की जिन्दगी में अधिक सक्रिय रहती हैं, उनमें इन्ट्राएब्डामिनल फैट का स्तर कम होता है, जिसका संबंध हृदय सम्बंधी बीमारी से है। 


हार्ट केयर फाउंडेशन   ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल  के मुताबिक़ रोजाना के कामकाज में हल्का सा बदलाव जैसे टीवी देखने में कमी करना या पैदल चलने में बढ़ोतरी करने से आप अपने स्वास्थ्य को लम्बे समय तक बेहतर रख सकते हैं। आंतों से जुड़ा हुआ फैट या पेट अथवा सीने के आस पास का फैट एक साथ जमा हो जाता है और इससे मधुमेह, हाइपरटेंशन और हृदय बीमारी का खतरा बढ़ने लगता है।

अंगों के आस पास फैट के जमा होने को हृदय की बीमारी और मधुमेह के खतरे के रूप में जाना जाता है। अंगो के आस-पास खतरनाक अधिक ''टायर'' जमा होने के लिए महिलाओं का बाहर से मोटा दिखना जरूरी नहीं। लम्बे समय तक व्यायाम करने को उदर के आस पास जमा होने वाले फैट में कमी के तौर पर जाना जाता है।

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