सरफ़राज़ ख़ान
नई दिल्ली. हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने अन्य मामलों में अनौपचारिक इस्तेमाल किये जाने वाली दवाओं की सूची जारी की है जिसको एफडीए ने मान्यता प्रदान की है। बिना लेबल के इस्तेमाल की जाने वाली ये दवाएं पूरी दुनिया में इस्तेमाल की जाती हैं।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल  के मुताबिक़   स्मेल डिसआर्डर के लिए अस्थमा ड्रग : अस्थमा ड्रग, थियोफिलाइन से सूंघने का एक अहसास वापस आने लगता है जो इसकी क्षमता खो चुके होते हैं। करीब 2 करोड़ लोग अमेरिका में ही हाइपोस्मिया से या उनमें सूंघने की क्षमता में कमी पायी जाती है और वे फ्लेवर के सूंघने का मजा नहीं ले पाते हैं। किसी भी संख्या की चीजों से उन्हें समस्या हो सकती है। इसके प्रमुख कारण नाक में या नैसल पॉलिप्स में वायरस, हेड ट्रॉमा, गंभीर एलर्जी या कुछ तरह के एनाटॉकमिक ऑब्स्ट्रक्शन होता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ मेडिकल साइंसेज जून अंक में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक इसके कुछ प्रभावी उपचार मौजूद हैं।

घाव के लिए एपीलैप्सी ड्रग : सामान्य एपीलैप्सी ड्रग फिनाइटॉयन को अब घाव के उपचार में प्रयोग किया जाता है और इससे ग्रेनुलेशन टिश्यू से हाइपरट्रॉपी होता है। इस दवा का मुख्य साइड इफैक्ट गिंगिवल हाइपरप्लैसिया है जिसे अब थेरेपी के प्वाइंट से इस्तेमाल किया जाता है।
 किडनी स्टोन के लिए बीपी ड्रग : नाइफीडिपाइन किडनी की एक आम दवा है जिसे अब स्माल यूरेटेरिक स्टोन जो 10 एमएम से कम होता है में इस्तेमाल किया जाता है।
सीओपीडी के लिए ईडी ड्रग : ईरेक्टाइल की ड्रग वियाग्रा को अब पल्मोनरी हाइपरटेंशन के मरीजों में सीओपीडी के साथ इस्तेमाल किया जाता है।
प्री-मैच्योर इजैक्युलेशन के लिए डिप्रेशन ड्रग : एसएसआरआई ड्रग सेरटरालाइन को अब एंटी डिप्रेशन की दवा की मान्यता मिल चुकी है। इसे प्री मैच्योर इजैक्युलेशन में भी इस्तेमाल किया जाता है।
गर्भवतियों के लिए कैंसर ड्रग : मीथोट्रेक्सेट जो कोरियोकार्सिनोमा के उपचार के लिए मान्य है को अब अनरप्चर्ड एक्टोपिक प्रिग्नेंसी के उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता है।
ट्रीमर्स के लिए फिट ड्रग : वयस्कों में गैबापेंटिन फिट और पोस्ट हर्पेटिक न्यूरैल्गिया के उपचार में प्रयोग किया जाता है को अब बाइपोलर डिसआर्डर, इसेंशियल ट्रीमर्स, हॉट फ्लैशिज, माइग्रन, न्यूरोपैथिक पेन्स, फैन्टोम लिंब ओर रेस्टलेसलेग सिंड्रोम में भी इस्तेमाल किया जाता है।

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