स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली.
नर्मदा, कावेरी और एनईएफआर तथा कृष्णा बेसिन में जलस्तर पिछले 10 वर्षों के औसत से बेहतर है। दक्षिण की पश्चिम की तरफ बहने वाली नदियों और कच्छ नदी में पानी का बहाव सामान्य के करीब है। गंगा, सिंधु, महानदी व एनईएफआर, ताप्ती, साबरमती, माही और गोदावरी बेसिन में जल भंडारण कम है।

जल संसाधन मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय जल आयोग देश भर में फैले 81 महत्वपूर्ण जलाशयों में पानी के भंडारण की स्थिति की निगरानी कर रहा है। इनमें से 36 जलाशयों से प्रति जलाशय 60 मेगावॉट से ज्यादा का बिजली उत्पादन होता है। सभी 81 जलाशयों में मानसून की शुरुआत यानी एक जून 2010 को जलस्तर रूपांकित भंडारण क्षमता का 13 प्रतिशत और 24 जून 2010 को रूपांकित भंडारण क्षमता का 12 प्रतिशत था। वर्तमान भंडारण पिछले वर्ष के भंडारण का 131 प्रतिशत और पिछले 10 वर्षों की समान अवधियों के औसत भंडारण का 89 प्रतिशत है। इन 81 जलाशयों में से 43 जलाशय ऐसे हैं जिनमें जल भंडारण पिछले दस वर्षों के औसत भंडारण का 80 प्रतिशत या उससे कम है। शेष 38 जलाशयों में जल भंडारण पिछले दस वर्षों के औसत भंडारण से 80 प्रतिशत अधिक है।

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