सरफ़राज़ ख़ान 
नई दिल्ली. वर्तमान में हाइपरटेंशन समाज के लिए एक महामारी का रूप लेती जा रही है। एंटीहाइपरटेंसिव थेरेपी से स्ट्रोक के मामलों में औसतन 35-40 फीसदी की कमी होती है, म्योकार्डियल इंफार्कशन में 20-25 फीसदी और हार्ट फेल्योर के मामलों में तो यह कमी 50 फीसदी से ज्यादा होती है।

डायस्टॉलिक ब्लड प्रेशर में 5 एमएम की कमी से हृदय बीमारी के खतरे में 21 फीसदी की कमी होती है। अगर हम समाज से प्री-हाइपरटेंशन का सफाया कर दें तो (या दूसरे शब्दों में कहें कि समुदाय में ब्लड प्रेशर 120/80 mm Hg से कम हो) तो हम तरह से होने वाले हार्ट अटैक के करीब 47 फीसदी मामलों को बचा सकते हैं। 

फ्रमिंघम के एक अध्ययन में पाया गया है कि सामान्य रक्तचाप वाले व्यक्ति की तुलना में प्री-हाइपरटेंसिव व्यक्ति में तीन गुना ज्यादा हार्ट अटैक की संभावना होती है साथ ही 1.7 गुना अधिक हृदय संबंधी बीमारी का खतरा रहता है। जीवन शैली में बदलाव से ब्लड प्रेशर में कमी होती है, एंटी-हाइपरटेंसिव ड्रग से भी हृदय संबंधी बीमारी के खतरे में कमी होती है। अगर आर्गन डैमेज डायबिटीज या कोई हृदय संबंधी बीमारी के आशंकित तथ्य लक्षित न हों तो व्यक्ति को चाहिए कि वह छह महीनों तक जीवन शैली प्रबंध को अपनाए। लक्षित आर्गन डैमेज के मामले में रक्तचाप को कम करने के लिए ड्रग ट्रीटमेंट की आवश्यकता होती है।

एक 1,600 एमजी सोडियम डैश लेने का असर सिंगल डोज थैरेपी जितना होता है। दो या इससे अधिक जीवन शैली संबंधी बदलावों को अपनाने से बेहतर परिणाम हासिल होते हैं। व्यक्ति को अपने शरीर के सामान्य वज़न को बरकरार रखना चाहिए। एक व्यक्ति अपने वज़न में 10 किग्रा की कमी करके 5-20 mm Hg तक ब्लड प्रेशर में कमी ला सकता है।

लोगों को चाहिए कि वे फल व सब्जियों से भरपूर खुराक लें साथ ही कम फैट वाले डेयरी के उत्पाद जिनमें शैचुरेटिड और टोटल फैट कम हो, उसका सेवन करें। इससे ब्लड प्रेशर में 8-14 mm Hg तक की कमी संभव है। व्यक्ति को अपनी खुराक में रोजाना 100 एमएमओएल से ज्यादा नमक      (2.4 ग्राम सोडिया या 6 ग्राम सोडियम क्लोराइड) नहीं लेना चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर में 2-8 mm Hg तक की कटौती हो सकती है।

लोगों को चाहिए कि वे नियमित तौर पर एरोबिक शारीरिक गतिविधियों में जैसे तेज गति से चलना (हफ्ते के करीब सभी दिनों में रोजाना कम से कम 30 मिनट तक) चाहिए। सिर्फ इसी से रक्तचाप में 4-9 mm Hg तक की कमी संभव होती है। जो लोग शराब पीते हैं, उन्हें चाहिए कि वे दो से ज्यादा ड्रिंक (1 औंस या 30 एमएल ईथैनॉल; उदाहरण 24 औंस बीयर, 10 औंस वाइन या 3 औंस 80-प्रूफ व्हिस्की) पुरुष न लें और महिलाओं व कम वज़न के व्यक्ति को रोजाना एक से ज्यादा ड्रिंक नहीं लेनी चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर में 2-4 mm Hg की कमी होती है।

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