स्टार न्यूज़ एजेंसी
देवरिया/बलिया (उत्तर प्रदेश).
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने  कहा कि समाजवादी पार्टी की उम्मीद की साइकिल पंचर हो गई है. उत्तर प्रदेश के नेता ज़ात की बात करते है. मुलायम सिंह लोगों से कहते हैं कि उम्मीद की साइकिल को वोट दें, जबकि जनता ने उन्हें तीन- तीन बार मुख्यंमंत्री बनाया, लेकिन हर बार वही उम्मीद की साइकिल पंचर हो गई.
थाने में एफआईआर दर्ज नहीं होती थी, महिलाओं पर अत्याचार हो रहा था, राज्य का विकास नहीं हो रहा था तो लोगों ने ग़ुस्सा होकर 2007 में मायावती को सत्ता सौंप दी, लेकिन वहां भी उम्मीद पूरी नहीं हुई. उन्होंने विपक्षी राजनीतिक दलों से सवाल किया कि अब उनसे किस बात की उम्मीद की जाए? क्या उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की जनता बेवकूफ़ समझती है? तभी जनता के बीच से आवाज़ आई, ‘गुंडाराज की उम्मीद, कल्याण सिंह की उम्मीद.’
देवरिया ज़िले के सलेमपुर में बापू इंटर कॉलेज से सटे मैदान में राहुल गांधी ने कहा कि सात साल से मैं राजनीति में हूं, मैं गांवों में जाता हूं, अधिकारियों से बात करता हूं. जितनी जानकारी हिन्दुस्तान के गांवों में है, उतनी जानकारी कहीं नहीं है. यदि राजनीति में कामयाबी हासिल  करनी है तो केवल जनता के बीच जाकर उनकी बात सुननी चाहिए. लेकिन यहां के नेता सोचते हैं कि यूपी की जनता को कुछ नहीं मालूम. मायावती जी आपसे नहीं सीखतीं, क्योंकि उन्हें लगता है कि जितना वह जानती, उससे ज़्यादा जानने की ज़रूरत नहीं है.”
सलेमपुर के बाढ़ प्रभावित इलाक़े की हालत के बारे में कांग्रेस महासचिव ने लोगों से कहा कि आप लोगों के क्षेत्र में बाढ़ आती है, केंद्र सरकार आप लोगों की मदद के लिए जो भी पैसा भेजती है, उसे मायावती जी का लखनऊ में बैठा जादुई हाथी हज़म कर जाता है.
बलिया ज़िले की एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने जनता से सवाल किया कि क्या कोई बता सकता है कि पिछले 22 सालों में उत्तर प्रदेश के लोगों को यहां की सरकार से क्या मिला? भीड़ ने जवाब दिया बेरोज़गारी और हाथी.
उन्होंने कहा कि अगर किसी को कामयाब नेता बनना है तो उसे गांव में जाना होगा, लोगों से मिलना होगा, उनसे बात करके उनकी समस्याओं को सुनना होगा, तभी विकास होगा. बिना ऐसा करे सरकार नहीं चलती और न ही कोई काम होता है. आप लोग अमेरिका, इंग्लैंड में जाकर देख सकते हैं. वहां के लोगों के पास सब कुछ है, वहां के युवा मौज-मस्ती करते हैं. उन्हें काम में इतनी दिलचस्पी नहीं है, जितनी यहां के युवाओं को है. उत्तर प्रदेश में जब युवा काम मांगता है तो उसे नहीं मिलता, अस्पताल मांगता है तो अस्पताल नहीं मिलता, विकास मांगता है तो विकास नहीं मिलता, क्योंकि यहां इन सबका पैसा चोरी हो रहा है.
कांग्रेस महासचिव ने लोगों को बताया कि 2009 में समाजवादी पार्टी के लोगों ने कांग्रेस पार्टी से संपर्क किया और कहा कि उनसे समझौता कर लिया जाए, लेकिन कांग्रेस ने उनके इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि आप अपना रास्ता चलिए और कांग्रेस अपने रास्ते चलेगी. इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि "उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को अकेले केवल पांच ही सीटें मिलेंगी, जिस पर हमने कहा कि पांच ही सही, उसी से शुरुआत करेंगे. लेकिन कल्याण सिंह के गले नहीं लगेंगे." समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक फ़ायदे के लिए कल्याण सिंह को गले लगाया. लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को समाजवादी पार्टी से ज़्यादा सीटें दीं.
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आम आदमी को, ग़रीब को विकास में शामिल करना चाहती है. वहीं विपक्षी पार्टियां टीवी पर सूट का विज्ञापन देखकर उल्टे-सीधे नारे देती हैं. चाहे मुलायम सिंह जी हों या मायावती जी हों, एक बार भी आपके बीच नहीं जाते. पांच सालों से मायावती जी मुख्यमंत्री हैं, क्या किसी ने एक बार भी उन्हें गांव में देखा है? लेकिन वह गांव में जाने से शर्माती हैं। यहां के गांवों में पानी नहीं है, लाईट नहीं है, सड़क नहीं है. जब तक आपके नेता आपके बीच नहीं जाएंगे,  आपका हाथ नहीं पकड़ेंगे, तब तक यह प्रदेश आगे नहीं जाएगा.
राहुल गांधी ने एक वाक़िया सुनाते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले अपने दौरे में मैंने देखा कि सड़क के किनारे इंडिया शाईनिंग की तरह अस्पताल चमकाने के लिए पेंटिंग हो रही थी. मैंने पूछा कि "अंदर जा सकता हूं तो वो बोले कि आप सांसद हैं, अंदर जा सकते हैं, आपका अधिकार है."  राहुल गांधी ने चुटकी ली कि मगर यहां आम आदमी को अस्पताल के अंदर जाने का अधिकार नहीं है.
उन्होंने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे, मरीज़ भी नहीं थे. अस्पताल के अंदर तीन-चार कुत्ते घूम रहे थे. शायद मायावती जी को पता भी नहीं है कि यूपी में अस्पताल चल रहे हैं कि नहीं. जनता के बीच से आवाज़ आई कि उन्हें कमीशन का पता है. इस पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘‘ज़रूर पता होगा. हम हज़ारों करोड़ रुपये भेजते हैं. पढ़ाई को ले लीजिये. हमने कहा कि अमीरों के बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ने जाते हैं, ग़रीबों के बच्चो को भी पढ़ना चाहिए. हमने उन्हें शिक्षा का अधिकार दिया, स्कूल में भोजन दिया. सूचना का अधिकार दिया. अब हम खाने का भी अधिकार देना चाहते हैं. हर ग़रीब परिवार को 35 किलो अनाज देना चाहते हैं. विपक्ष कहता है कि पैसा कहां से आएगा?"
राहुल गांधी ने कहा कि "हमने रोज़गार का अधिकार मनरेगा दिया, क्या यह किसी जाति के लिए है? हर जाति-वर्ग के व्यक्ति को 12000 रुपये प्रति वर्ष रोज़गार के लिए देते हैं, तो मायावती जी खड़ी हो जाती हैं और कहती हैं कि मनरेगा से किसी को फ़ायदा नहीं. वहीं केरल, हरियाणा जाकर पूछिये तो लोग बताएंगे कि मनरेगा से पहली बार गांवों में रोज़गार आया. जब तक उत्तर प्रदेश में ऐसी सरकार रहेगी, तब तक किसी को फ़ायदा नहीं हो सकता."
राहुल गांधी ने बताया कि "कांग्रेस ने सच्चर कमीशन बनाया और उसकी रिपोर्ट लागू की. सच्चर कमीशन की रिपोर्ट ने कहा कि अल्पसंख्यक भाइयों को मदद की ज़रूरत है. उनके बच्चों को छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए. क्या किसी को मिली? क्या पैसा आप तक पहुंचा? नहीं. विपक्षी कहते हैं कि पैसा कहां से आएगा? और जब ये पैसा हम देते हैं तो यहां पैसा चोरी हो जाता है, इससे नुक़सान यूपी की जनता का होता है."
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि "हमने अल्पसंख्यकों को साढ़े चार प्रतिशत आरक्षण दिया, तो मुलायम सिंह जी ने कहा कि कम है, 18 प्रतिशत होना चाहिए. जबकि इससे पहले पत्रकारों ने मुलायम सिंह जी से इस बारे में सवाल किया था, तो वे कुछ नहीं बोले, सिर्फ़ ख़ामोशी थी. अब जब हमने लागू कर दिया तो कह रहे हैं कि कम है. अगर उनको लगता है कि साढ़े चार प्रतिशत कम है और इसे 18 प्रतिशत होना चाहिए तो वह इसे अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल क्यों नहीं करते? लेकिन मुलायम सिंह जी ऐसा करेंगे नहीं. "हम जो कहते हैं, वो करते हैं.  किसानों की बात की, उन्हें साठ हज़ार करोड़ रुपये क़र्ज़ की माफ़ी दी. उनके लिए बैंक का रास्ता दोबारा खोला. बुनकरों की बात की, तीन हज़ार करोड़ रुपये का पैकेज दिया. मनरेगा की बात की, पैसा दिया और दे रहे हैं. ये पैसा हमारा नहीं है, आपके पसीने की कमाई का पैसा है. हिन्दुस्तान में प्रगति आसमान से नहीं आई, अमेरिका, जापान के लोग नहीं लाए, यह प्रगति यहां का ग़रीब आदमी दिन-रात काम करके लाता है. भट्टा-पारसौल में किसानों की लड़ाई लड़ी. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने क्या किया? कुछ नहीं."
राहुल गांधी ने किसानों का ज़िक्र करते हुए कहा कि "वहीं किसान अपनी ज़मीन की सही क़ीमत मांगता है तो उस पर गोली चलती है, महिलाओं पर अत्याचार होता है. अधिकारी मुझसे कहते हैं कि यहां क्यों आये, यहां किसान नहीं नक्सली हैं. बाक़ी लोगों ने कहा कि यहां कुछ हुआ ही नहीं. उन्होंने बताया कि जब मैंने कहा कि यहां पर महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ है तो इस बात को ग़लत बताया गया, जबकि बाद में ख़ुद सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा."
उन्होंने कहा कि "आप लोग महाराष्ट्र में काम करने जाते हो, तो शिव सेना के लोग मारते हैं. उत्तर प्रदेश के नेता सिर्फ़ आज की सोचते हैं, पैसा लूटने की सोचते हैं. मनरेगा का पैसा दिया, स्वास्थ्य के लिए पैसा दिया, करोड़ों खा गए. महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा दिल्ली सहित दूरदराज के लद्दाख, में भी यूपी के युवा काम करते मिलते हैं, मगर उन्हें यहां काम नहीं मिलता."
कांग्रेस पार्टी की दूरदृष्टि के बारे में बताते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि "जिस मोबाईल का इस्तेमाल आज तमाम लोग कर रहे हैं,  उसकी योजना सन 1985 में स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी द्वारा तैयार की गई थी. बिना दूर की सोच के बदलाव नहीं हो सकता और न ही देश का विकास हो सकता है."
राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अभी युवाओं के हाथ बंधे हुए हैं और जिस दिन युवाओं के हाथ खुल जाएंगे, जिस दिन लोगों तक उनके हक़  का पैसा पहुंचने लगेगा, उस दिन से उत्तर प्रदेश बहुत तेज़ गति से विकास करने लगेगा. लोग पूछेंगे कि यहां अस्पताल कहां से आए, रोज़गार कहां से आया और विकास कैसे हुआ? आप लोग भी देखेंगे.
उन्होंने कहा कि मुझे जितना प्यार उत्तर प्रदेश की जनता से मिला है, वो न तो पहले कभी मिला था और शायद न ही कभी मिलेगा. उन्होंने कहा कि "मैं यहां मौजूद तमाम युवाओं के साथ खड़ा होने के लिए आया हूं और जब तक उत्तर प्रदेश पूरी तरह से बदलेगा नहीं, तब तक मै हटूंगा नहीं. उत्तर प्रदेश में अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो यहां के लोगों के लिए, केंद्र सरकार के लिए, उनकी अपनी ख़ुद की उत्तर प्रदेश की सरकार भी काम करेगी."

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