फ़िरदौस ख़ान
राजस्थान के जयपुर में आयोजित कांग्रेस के चिंतन शिविर में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस की नीतियों पर रौशनी डाली और सरकार के कामकाज की सराहना की. उन्होंने कहा कि समय-समय पर आयोजित होने वाला यह चिंतन शिविर ख़ुद का परखने, बेहतर काम करने और ख़ुद को बेहतर तरीक़े से स्थापित करने के लिए है. इससे पहले भी हम शिमला और पंचमढ़ी में चिंतन शिविर आयोजित कर चुके हैं, जो कामयाब रहा. देश में 9 साल में काफ़ी आर्थिक विकास हुआ है और हमने गंभीर चुनौतियों का सामना किया है. देश की उम्मीदें बढ़ रही हैं और ज़िम्मेदारियों के साथ विकास संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का लक्ष्य है. पार्टी के तौर पर हमारी चिंता राजनीतिक चुनौतियों के साथ ही सामाजिक मुद्दों के प्रति भी है. हम किसानों की दिक्कतों पर विचार करेंगे, महिलाओं को आगे ले जाने पर विचार करेंगे. समाज के कमज़ोर वर्ग के लोगों के हितों के बारे में सोचेंगे और समाज के सभी वर्गों के लोगों की नुमाइंदगी से देश को आगे बढ़ाने का ख़ाका तैयार करेंगे. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार संप्रग सरकार ने सभी राज्यों को राहत प्रदान की है और एक करोड़ से ज़्यादा लोगों को रोज़गार मुहैया कराया है. महिलाओं पर अत्याचार अस्वीकार्य हैं. पड़ोसियों से संबंध मानवीय आधार पर होने चाहिए. राज्यों के विकास में कांग्रेस सियासत नहीं करती. हमने किसानों के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी है. आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय पर हमेशा ध्यान दिया. हमारे पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगी है. कुछ राज्यों में सत्ता के बाहर रहने से मनोबल पर असर पड़ा है. यह आत्मचिंतन करने का वक़्त है. पूरे देश में प्रभाव रखने वाली कांग्रेस इकलौती पार्टी है. गठबंधन और पार्टी के संगठन में तालमेल ज़रूरी है. पिछले एक दशक में आर्थिक विकास शानदार रहा, लेकिन देश का बड़ा हिस्सा अभी भी पिछड़ा है. ज़मीन, जंगल के लिए आंदोलन पर ध्यान देना ज़रूरी है. महिलाओं पर होने वाले अत्याचार शर्म की वजह हैं. इस पर हमें चिंतन की आवश्यकता है. इसी तरह हमें कौशल विकास पर ध्यान देना होगा. क्षेत्रीय शांति के लिए पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते रखने ज़रूरी है. पड़ोसियों से बातचीत हमेशा सभ्य व्यवहार के साथ हो. विदेशी नीति का मक़सद एक ख़ास जगह हासिल करना होता है. शादियों पर फ़िज़ूलख़र्ची नहीं होनी चाहिए. युवा नेता शादियों पर ऐसे ख़र्च से बचें. कांग्रेस इकलौती पार्टी है, जो सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास को एक सिक्के के दो पहलू मानती है. देश के सबसे अहम पार्टी होने के बावजूद हमें समझना होगा कि चुनौती बढ़ रही है और हमारे पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगी है. जनता सार्वजनिक जीवन में ऊंचे स्तर पर जो भ्रष्टाचार देखती है और उसे रोज़ाना जिस भ्रष्टाचार से जूझना पड़ता है उससे तंग आ चुकी है. हमें इन हालात को समझना होगा. हम तेजी से बढ़ रहे पढ़े-लिखे मिडिल क्लास का राजनीतिक क्लास से मोह भंग नहीं होने दे सकते. आख़िर में मैं कहना चाहूंगी कि हमें काम करते जाना है. आगे बढ़ते जाना है.

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

  • किसी का चले जाना - ज़िन्दगी में कितने लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें हम जानते हैं, लेकिन उनसे कोई राब्ता नहीं रहता... अचानक एक अरसे बाद पता चलता है कि अब वह शख़्स इस दुनिया में नही...
  • मेरी पहचान अली हो - हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं- ऐ अली (अस) तुमसे मोमिन ही मुहब्बत करेगा और सिर्फ़ मुनाफ़ि़क़ ही तुमसे दुश्मनी करेगा तकबीर अली हो मेरी अज़ान अल...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं