स्टार न्यूज़ एजेंसी 
उरई (उत्तर प्रदेश). बुंदेलखंड में अपने जनसंपर्क अभियान के दूसरे दिन कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बेहद आक्रामक अंदाज़ में सपा, बसपा और भाजपा पर हमला बोल दिया.  उन्होंने कहा कि मनरेगा, शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य यहां तक कि उत्तर प्रदेश की ख़स्ताहाल सड़कों के बीच चमचमाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे विकास कार्य और योजनाएं कांग्रेस पार्टी की देन है. इन योजनाओं में हम जब आपका पैसा, आपके लिए भेजते हैं तो विपक्ष सवाल उठाता है कि इतना पैसा कहां से आएगा. आप दिन-रात मेहनत करते हैं, आपको भोजन का पूरा अधिकार है. हमने जब प्रत्येक परिवार को हर महीने 35 किलो भोजन का अधिकार देने वाला क़ानून संसद में रखा और उसे देने जा रहे हैं, तो समाजवादी पार्टी के लोग इसे अपनी योजना बताने लगे.

कांग्रेस महासचिव ने पूरे विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि बुंदेलखंड में सूखा पड़ने के बाद जब मैं आपके घरों और आपके बीच आया, तो विपक्षी कहते हैं कि मैं नौटंकी कर रहा हूं. अगर विपक्ष में हिम्मत हो तो वह आपके बीच जाकर यही 'नौटंकी' करके दिखाए. हम बुंदेलखंड के किसानों, मज़दूरों को कभी नहीं भूलेंगे.  

राहुल गांधी ने मुलायम सिंह यादव के बेरोज़गारी भत्ता देने के चुनावी, शिगूफ़े पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि मुलायम सिंह जी ने तीन-तीन बार मुख्यमंत्री रहने के बाद भी बेरोज़गारी भत्ता दिए जाने के लिए कोई क़ानून नहीं बनाया, जिससे सपा की सरकार नहीं रहने पर भी बेरोज़गारों को अनवरत भत्ता मिलता रहे.

राहुल गांधी ने सपा और बसपा पर एक और तीर छोड़ते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने के सवाल पर सन्नाटे में आए मुलायम सिंह ने कांग्रेस पार्टी द्वारा आरक्षण दे देने के बाद धीरे से कहा कि 'कम है', जबकि वह तीन बार मुख्यमंत्री थे और मायावती पिछले पांच साल तक मुख्यमंत्री रहीं, लेकिन इस दिशा में दोनों ने कुछ नहीं किया. सिर्फ़ कांग्रेस पार्टी की योजनाओं को अपनी योजना बताते रहे और चिट्ठी लिखते रहे.

उन्होंने हमलावर अंदाज़ में सवाल किया कि जब बुंदेलखंड में लोग भूख से तड़प रहे थे, भट्टा पारसौल में किसानों पर अत्याचार हो रहा था तब सपा, बसपा और भाजपा के नेता कहां थे? कोई नहीं आया आपके बीच, सिर्फ़ कांग्रेस पार्टी ने ही आपके बीच जाकर आम आदमी की लड़ाई लड़ी.

राहुल गांधी ने याद दिलाया कि जब बुंदेलखंड में सूखा पड़ा था, तो उस समय मुख्यमंत्री मायावती जी से मैंने कहा कि आप वहां कम से कम एक बार जाएं और जनता का दुख-दर्द देखें, तो वह बोलीं कि 'राहुल गांधी नाटक कर रहा है', जबकि उत्तर प्रदेश में सिर्फ़ एक ही नाटक हो रहा है, 'जादू का हाथी ग़रीबों के पैसे खा जाता है.
उन्होंने प्रदेश में जनता के पैसों की खुलेआम चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बुंदेलखंड के सूखा पीडि़त किसानों के लिए हजारों करोड़ रुपया भेजा, सच्चर कमीशन गठित करके हज़ारों करोड़ रुपया वज़ीफ़े     के लिए भेजा, लेकिन एक भी पैसा किसी को नहीं मिला. इसी तरह रोज़गार, स्वास्थ्य योजनाओं के लिए पैसा भेजा, लेकिन सारा पैसा चोरी हो गया.

इतना कहने के बाद राहुल गांधी ने आक्रामक ढंग से कहा कि उत्तर प्रदेश को अब बदलना है. कभी सपा, कभी भाजपा, कभी बसपा के बीच सिर्फ़ यूपी की जनता पिस रही है. अब चोरों की सरकार हटानी है और कांग्रेस पार्टी की सरकार बनवानी है, जो आम आदमी, अल्पसंख्यक और कमज़ोर वर्ग को एक साथ लेकर चलती है.

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को आम लोगों से ही मालूम हुआ कि रोज़गार की कमी सबसे बड़ी समस्या है. तो सरकार ने मनरेगा क़ानून बनाकर 100 दिन के रोज़गार की गारंटी दी. हर एक ग़रीब को चाहे वह किसी भी जाति का हो या किसी भी प्रदेश का,12000 रुपये देने ’की गारंटी दी. उत्तर प्रदेश में बसपा के लोगों और मायावती ने कहा, मनरेगा से किसी को फ़ायदा नहीं होगा.

कांग्रेस महासचिव ने नसीहत देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश, केरल, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र जाकर कोई भी पता कर ले कि मनरेगा से क्या मिला? तो वहां सबसे कमज़ोर आदमी बताएगा कि पहली बार गांवों में रोज़गार पहुंचा, सरकार ने हाथ पकड़ा और इज्ज़त मिली. उन्होंने कहा कि मैं सभी लोगों से और तमाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कह रहा हूं कि खड़े हो जाओ, लड़ जाओ, क्योंकि कांग्रेस की सरकार बन रही है. हम सबको साथ लेकर इस प्रदेश को बदलेंगे और एक बार फिर इसे नंबर एक पर लाकर खड़ा कर देंगे.

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