स्टार न्यूज़ एजेंसी
बरेली (उत्तर प्रदेश).
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने आज एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने ने लोगों से कहा कि इस क्षेत्र में ज़री का काम होता है, आप लोगों के लिए बसपा और सपा की सरकार ने क्या किया? कुछ भी नहीं. आपके नेता कहते हैं कि ये कर देंगे, वो कर देंगे, लेकिन करते कुछ नहीं. सिरौली में एक पुल की ज़रूरत है, क्या आप लोग बताएंगे कि इस पुल की मांग आपने कब की थी? राहुल गांधी के इस सवाल के जवाब में जनता ने कहा कि लगभग पिछले बीस सालों से इस पुल को बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन किसी भी नेता ने खोखले वादे करने के अलावा कुछ नहीं किया.
उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में जब जनता से पिछले 22 सालों में उत्तर प्रदेश में रही ग़ैर कांग्रेसी सरकारों के साथ उनके अनुभव के बारे में पूछा तो, जनता ने उन्हें बताया कि पिछली ग़ैर कांग्रेसी सरकारों के शासन में जनता को सिर्फ़ लूटा ही गया है. इसके बाद राहुल गांधी ने बताया कि मैं जब भी उत्तर प्रदेश के किसी गांव में जाता हूं तो वहां के लोग मुझे यही बताते हैं कि उन्हें लूटा जा रहा है.
राहुल गांधी ने जनता से सवाल किया कि क्या किसी ने भी पिछले पांच सालों में किसी भी नेता को किसी गांव में लोगों के बीच देखा है या फिर उनसे बात करते हुए देखा है? इस सवाल के जवाब में जनता ने बताया कि उत्तर प्रदेश के नेता कभी भी अपने क्षेत्र में दिखाई ही नहीं देते.  इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नेता ऐसा इसलिए करते है, क्योंकि वह समझते हैं कि जनता को कुछ भी समझ नहीं है, लेकिन मैं यह बात जनता हूं कि जितनी जानकारी यहां की जनता को है, वह न तो किसी मंत्री को है और न ही लखनऊ मै बैठे हुए नेताओं को है.
उन्होंने कहा कि आप लोग महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा जैसे राज्यों में काम की तलाश में जाते हो, वहां काम करते हो और उन राज्यों में विकास करते हो, जबकि आप लोगों को ख़ुद आपके ही प्रदेश में काम नहीं मिलता है. राहुल गांधी ने लोगों से कहा कि आप लोग दूसरे राज्यों में जाकर काम करते हो, सड़कें बनाते हो, उद्योगों को चलाते हो, जिससे उन राज्यों का विकास होता है और विकास से ही सरकार के पास पैसा आता है. अगर आप दूसरे राज्यों में जाकर काम करने वाले मज़दूरों से बात करेंगे तो वह आपको बताएंगे कि वे उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. सही बात है या नहीं? राहुल गांधी ने जनता से यह सवाल किया तो हज़ारों लोगों ने एक साथ कहा कि सही बात है.
इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि इस क्षेत्र में ज़री का काम तो होता है, लेकिन नेता लोगों की मदद नहीं करते. दिल्ली में हमारी भी सरकार है. कांग्रेस पार्टी ने जनता को मनरेगा दिया, जिसमें काम करने वाले हर आदमी को 120 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 100 दिनों तक कुल 12000 रुपये देने की व्यवस्था की. बुंदेलखंड में सूखा पड़ा था, किसान बेहाल थे तो उस वक़्त न तो वहां मुलायम सिंह जी गए और न ही मायवती जी. किसानों ने हमसे कहा तो हमने उनकी मदद की, प्रधानमंत्री जी ने उन्हें आठ हज़ार करोड़ रुपये का पैकेज दिया. इसके बाद बुनकर हमारे पास आए और बताया कि पिछले 22  सालों से राज्य सरकारें उनकी तरफ़ ध्यान नहीं दे रही हैं और न उनकी मदद कर रही हैं. प्रधानमंत्री जी ने उनका भी क़र्ज़ माफ़ किया, उन्हें करोड़ों रुपये का पैकेज दिया, बुनकर क्रेडिड कार्ड दिलाया, धागे पर छूट दी और अब उन्हें बैंक से दो लाख रुपये तक का लोन भी मिल रहा है.
इस पर मायावती जी कहती है कि यह सब कांग्रेस पार्टी का नाटक है, जब मैं आप लोगों के पास आता हूं, आपकी बात को समझने की कोशिश करता हूं तो कहा जाता है कि राहुल गांधी नाटक कर रहा है. मुलायम सिंह जी और बीजेपी के लोग पूछते है कि पैसा कहां से आएगा?
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हमारा काम दिल्ली की सरकार चलाना है, उत्तर प्रदेश की सरकार हम नहीं चलाते. हमारा काम आपके विकास और आपकी मदद के लिए पैसा भेजने का है, हम हज़ारों करोड़ रुपये भेजते भी हैं, लेकिन वह पैसा आप तक नहीं पहुंचता, उसे लखनऊ में बैठा जादू का हाथी खा जाता है. पिछले तीन-चार महीनों में मायावती जी ने अपने 22 मंत्रियों को हटाया है, जबकि उन मंत्रियों ने पांच सालों तक राज किया और जनता को लूटा. अब मायावती जी कहती है कि वह सब भ्रष्ट हैं और मैं उन्हें निकाल रही हूं.
बाबू सिंह कुशवाहा और नसीमुद्दीन जैसे नेताओं ने पैसा लूटा है और यह पैसा न तो प्रधानमंत्री जी का है, न सोनिया गांधी जी का और न ही उत्तर प्रदेश सरकार का, यह पैसा आपका है, जो सरकार के पास आपकी मेहनत की बदौलत आया है. सरकार के पास पहले पैसे की कमी थी, लेकिन अब नहीं. इसलिए अब कांग्रेस पार्टी जनता को भोजन का अधिकार देने की बात कर रही है, जिसमें हर ग़रीब परिवार को 35 किलो अनाज मिलेगा. इस योजना के लिए भी कांग्रेस सरकार हज़ारों करोड़ रुपये भेजेगी, लेकिन वह भी आप तक नहीं पहुंचेगा, क्योंकि उसे भी हाथी खा जाएगा. उन्होंने कहा कि चाहे हाथी हो या फिर साइकिल, दोनो को चलाने के लिए इतने रुपयों की ज़रूरत नहीं होती.
राहुल गांधी ने मुलायम सिंह को निशाने पर लेते हुए कहा कि मुलायम सिंह जी कहते हैं कि मैं मुसलमानों का नेता हूं, लेकिन उनके लिए करते कुछ नहीं. राहुल गांधी ने सभा में बड़ी संख्या में मौजूद अल्पसंख्यक तबक़े के लोगों से पूछा कि आप लोग ही बताइए कि क्या मुलायम जी ने आप लोगों के लिए कुछ किया है? क्या आप लोगों को मदद मिली, क्या आपको बच्चों को अच्छी तालीम हासिल हुई? जिसके जवाब में लोगों ने कहा कि नहीं कुछ नहीं किया. इसके बाद कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ही सच्चर आयोग बनाया और अल्पसंख्यकों को विकास के लिए हज़ारों करोड़ रुपये भेजे, बच्चों की अच्छी तालीम के लिए करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति भेजी, जो असम, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों तक तो पहुंच गई, लेकिन उत्तर प्रदेश में लोगों तक नहीं पहुंची.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अल्पसंख्यकों को साढ़े चार फ़ीसदी आरक्षण देने का काम किया और मुलायम सिंह जी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कम आरक्षण दिया, अगर मैं होता तो ज़्यादा करता, लेकिन जब शुरुआत में पत्रकारों ने उनसे इस बारे में सवाल किया था तो उस वक़्त मुलायम सिंह जी ने कोई जवाब नहीं दिया, सिर्फ़ सन्नाटा ही था.  और तो और वह ख़ुद तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, उस वक़्त  उन्होंने कुछ नहीं किया. अगर वह चाहते तो अपनी सरकार के कार्यकाल में आरक्षण दे सकते थे, जैसे केरल और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने दिया.
राहुल गांधी ने कहा कि हम यहां आप लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए आए हैं. किसानों-मजदूरों का साथ देने के लिए आए हैं. पिछले 22 सालों में भाजपा, सपा और बसपा ने जनता से कई वादे किए हैं, लेकिन मैं आप लोगों से कोई वादा नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि जब तक, उत्तर प्रदेश में बदलाव नहीं आएगा, मैं यहां से पीछे नहीं हटूंगा, आप लोगों के साथ खड़ा रहूंगा. आप कांग्रेस पार्टी को पांच साल दीजिए, उत्तर प्रदेश में बदलाव शुरू हो जाएगा और अगले दस सालों में कोई भी उत्तर प्रदेश को पहचान नहीं सकेगा. आप लोगों में शक्ति है, इसलिए उत्तर प्रदेश को बदलना की बड़ी बात नहीं है. अब आप लोगों को अपनी लड़ाई अपने लिए लड़नी है, जिसमें मैं आप लोगों के साथ खड़ा हूं.

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Blog

  • आलमे-अरवाह - मेरे महबूब ! हम आलमे-अरवाह के बिछड़े हैं दहर में नहीं तो रोज़े-मेहशर में मिलेंगे... *-फ़िरदौस ख़ान* शब्दार्थ : आलमे-अरवाह- जन्म से पहले जहां रूहें रहती हैं दहर...
  • अल्लाह और रोज़ेदार - एक बार मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह तआला से पूछा कि मैं जितना आपके क़रीब रहता हूं, आप से बात कर सकता हूं, उतना और भी कोई क़रीब है ? अल्लाह तआला ने फ़रमाया- ऐ म...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

Like On Facebook

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं