फ़िरदौस ख़ान
कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी को 2014 के लोकसभा चुनाव की समन्वय समिति का प्रमुख बनाया गया है. पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने बताया कि नौ नवंबर को सूरजकुंड में पार्टी की संवाद बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि समन्वय समिति बनाई जाएगी. आज उन्होंने औपचारिक रूप से इसका ऐलान कर दिया है.

इस समिति में राहुल गांधी के अलावा जनार्दन द्विवेदी, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, जयराम रमेश और मधुसूदन मिस्त्री होंगे. कांग्रेस ने समन्वय समिति के अलावा तीन उपसमितियां बनाने का भी ऐलान किया है. ये उपसमितियां समन्वय समिति की देखरेख में ही काम करेंगी.

चुनाव प्रचार के लिए बनाई गई उपसमिति के मुखिया राहुल गांधी के क़रीबी माने जाने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह होंगे, जबकि अंबिका सोनी, मनीष तिवारी, दीपेंद्र हुड्डा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजीव शुक्ला और भक्त चरण दास इस उपसमिति के सदस्य होंगे. इसके अलावा दो अन्य उपसमितियों के मुखिया अहमद पटेल और मधुसूदन मिस्त्री होंगे. इनके अलावा एक और समिति बनाई गई है, जिसका काम चुनाव से पहले गठबंधन की संभावनाओं को तलाशना और उस पर आख़िरी फ़ैसला करना है. रक्षा मंत्री एके एंटनी को इसका प्रमुख बनाया गया है, जिसमें वीरप्पा मोइली, जितेंद्र सिंह, सुरेश पचौरी, मुकुल वासनिक और मोहन प्रकाश सदस्य के रूप में शामिल होंगे.

चुनाव घोषणा पत्र तैयार करने के लिए भी एक समिति बनाई गई है, जिसके प्रमुख एके एंटनी होंगे. इसमें वित्त मंत्री पी चिंदबरम, सुशील कुमार शिंदे, आनंद शर्मा, सलमान ख़ुर्शीद, संदीप दीक्षित, अजित जोगी, रेणुका चौधरी और पीएल पुणिया सदस्य के रूप में शामिल हैं. इस मामले में विशेषज्ञ समझे जाने वाले मोहन गोपाल को इस समिति में ख़ास तौर पर शामिल किया गया है.

इस ख़बर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ख़ासकर राहुल गांधी के समर्थकों में ख़ासा उत्साह है.

एक नज़र

ई-अख़बार

Blog

  • सब मेरे चाहने वाले हैं, मेरा कोई नहीं - हमने पत्रकार, संपादक, मीडिया प्राध्यापक और संस्कृति कर्मी, मीडिया विमर्श पत्रिका के कार्यकारी संपादक प्रो. संजय द्विवेदी की किताब 'उर्दू पत्रकारिता का भवि...
  • रमज़ान और शबे-क़द्र - रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है जिसे शबे क़द्र कहा जाता है. शबे क़द्र का अर्थ होता है " सर्वश्रेष्ट रात " ऊंचे स्...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Like On Facebook

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं