फ़िरदौस ख़ान
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज पश्चिम बंगाल के मालदा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विकास के लिए शिक्षा को ज़रूरी बताया. इस मौक़े पर उम्होने कहा कि आपको याद होगा कि साल 2008 के अपने पिछले दौरे में मैंने आपसे अपने प्यारे नेता अब्दुल गनी ख़ान चैधरी की याद में यहां एक टेक्नोलाजी संस्थान खोलने का वादा किया था. अब्दुल गनी ख़ान चैधरी एक ज़मीन से जुड़े नेता थे. कांग्रेस के सैक्युलरिज्म में उनकी अटूट आस्था थी और वे इंदिरा जी के काफ़ी क़रीबी भी थे. वे अपनी ईमानदार छवि के सहारे लगातार वर्षों तक चुनाव जीतते रहे और जनता की सेवा करते रहे. उन्हें मालूम था कि अपने क्षेत्र का विकास कैसे किया जाए. मैं इस बात का गवाह हूं कि उनकी श्रद्धांजली में आपसे किया गया वादा आज प्रधानमंत्री जी के सामने पूरा किया जा रहा है. अब्दुल गनी ख़ान चैधरी इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी इंफ़ारमल और रोज़गार से जुड़ी शिक्षा में मालदा के विकास एवं युवाओं के उच्च शिक्षा में मदद करने जा रहा है. यह इंस्टीट्यूट न केवल मालदा के विकास और युवाओं की शिक्षा में मददगार होगा, बल्कि आसपास के इलाक़ों से युवाओं के पलायन को रोकने में भी मदद करेगा. यह इंस्टीट्यूट लड़कों और लड़कियों को व्यवसायिक शिक्षा देने और बेहतर भविष्य बनाने में मददगार साबित होगा. आप जानते हैं कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में जब से यूपीए सरकार बनी, उसने देश के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक ढांचे में काफ़ी बदलाव किया है. मिसाल के तौर पर महात्मा गांधी नरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीकरण योजना आदि योजनाओं द्वारा शहरों और गांवों के बुनियादी ढांचे को मज़बूत किया है. असंगठित क्षेत्रों के मज़दूरों के समाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य बीमा योजना का विकास हुआ है. महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचायती राज संस्था में 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते को दोगुना किया गया है. अभी हाल के बजट में पहली बार 1000 करोड़ रूपये से महिलाओं के लिए एक ऐसा बैंक स्थापित किया जाएगा, जो ख़ास तौर से महिलाओं द्वारा संचालित होगा और यह बैंक महिलाओं को कारोबार के लिए क़र्ज़ उपलब्ध कराएगा. 1000 करोड़ से एक निर्भय तंत्र की स्थापना की जा रही है, जिसके उपयोग से हम अपनी बहन बेटियों के मान-सम्मान एवं गरिमा की रक्षा हो सके. महिलाओं के ख़िलाफ़ हो रहे अपराधों को रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए जल्द ही हम एक क़ानून संसद से पारित कराने जा रहे हैं, ताकि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिल सके. देश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, इसके लिए भी हम जल्द ही फ़ूड सिक्योरिटी बिल पास कराने की कोशिश कर रहे हैं. हम सभी जानते है कि शिक्षा में ही नई पीढ़ी का उज्ज्वल भविष्य है, इसलिए हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में उच्च और तकनीकि शिक्षा पर विशेष ज़ोर दिया है. नई टेक्नोलाजी ले आएं, इसके लिए तमाम मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, यूंनिवर्सिटी और टेक्नोलाजी कॉलेज खोले जा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को सही और बेहतर शिक्षा मिल सके, इसके लिए राजीव जी के समय में जिस नवोदय विद्यालय को खोला गया था, आज उनकी संख्या पूरे देश में 586 है. इन शिक्षा संस्थाओ का लाभ हमारे बच्चे और नौजवान उठा रहे हैं और अपने देश का नाम पूरी दुनिया में फैला रहे हैं. हमारी यूपीए सरकार समाज के अक़लियतों और पिछड़े वर्गों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है. अक़लियातों के लिए पहली बार एक मंत्रालय बनाया गया है. सच्चर समिति की सिफ़ारिशों पर अमल हो रहा है. देश के 90 अक़लियत बाहुल्य ज़िलों के लिए विकास के ख़ास पैकेज दिए गए हैं, जिनमें आपका मालदा ज़िला भी शामिल है. अक़लियतो के विकास से जुड़े प्रधानमंत्री के 15 सूत्री कार्यक्रमों को अपग्रेड किया गया और उसकी निगरानी ख़ुद प्रधानमंत्री कर रहे हैं. मौलाना आज़ाद फाउंडेशन द्वारा मदरसों के छात्रों को वज़ीफ़ा दिया जा रहा है, ख़ासकर लड़कियों को. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का एक्सटेंसन कैंपस भी आपके यहां मुर्सिदाबाद में खोला गया है. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत हमने कई तरह के वोकेशनल ट्रेनिंग देकर रोज़गार मुहैया करने के लिए हमने परवाज़नामा नामक एक महत्त्वाकांक्षी योजना भी शुरू की है. अक़लियत युवाओं को रोज़गार मुहैया कराने के लिए परवाज़नामा के लिए आपके मुर्शिदाबाद ज़िले को ही चुना गया है. सांप्रदायिक ताक़तों को रोकने और देश के समुचित विकास के लिए हम समर्पित हैं. यही हमारी पहचान है.यही हमारी पूंजी है और इस पूंजी को बचाए रखने के लिए कांग्रेस पार्टी समर्पित है.

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Blog

  • 3 दिसम्बर 2018 - वो तारीख़ 3 दिसम्बर 2018 थी... ये एक बेहद ख़ूबसूरत दिन था. जाड़ो के मौसम के बावजूद धूप में गरमाहट थी... फ़िज़ा गुलाबों के फूलों से महक रही थी... ये वही दिन था ज...
  • अल्लाह की रहमत से ना उम्मीद मत होना - ऐसा नहीं है कि ज़िन्दगी के आंगन में सिर्फ़ ख़ुशियों के ही फूल खिलते हैं, दुख-दर्द के कांटे भी चुभते हैं... कई बार उदासियों का अंधेरा घेर लेता है... ऐसे में क...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

Like On Facebook

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं