स्टार न्यूज़ एजेंसी 
सर्जरी कराने के लिए तैयार मरीज़ अकसर हर्बल दवाएं लेते हैं. इनमें से कुछ तत्व शरीर पर ऐसे प्रभाव डालते हैं, जो ऑपरेशन के दौरान ख़तरनाक साबित हो सकते हैं. उदाहरण के तौर ख़ून के थक्के वाली बीमारियों में तेज़ी से बदलाव अथवा एनेथीसिया देने में परेशानी जैसी स्थिति आ सकती है. हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि हर्बल दवाएं सर्जरी की प्रक्रिया में कोई फ़ायदा पहुंचाती हैं और यह साबित हो चुका है. इससे ऑपरेशन के दौरान दिक़्क़तें बढ़ जाती हैं. ऐसे में इसे सर्जरी से पहले ज़रूर बंद कर देना चाहिए.
1. एफेड्रा (मा हुआंग) हार्ट अटैक और स्ट्रोक का ख़तरा बढ़ा सकती है. ऐसे में इसका इस्तेमाल सर्जरी से कम से कम 24 घंटे पहले बंद कर देना चाहिए.
2. लहसुन रक्त के बहाव का ख़तरा बढ़ा सकता है. ऐसे में इसे सर्जरी से 7 दिन पहले बंद कर देना चाहिए.
3. जिंकगो भी रक्त बहाव का ख़तरा बढ़ा देता है. ऐसे में इसे सर्जरी से कम से कम 36 घंटे पहले लेना बंद कर देना चाहिए.
4. जिंसेंग ब्लड शुगर कम कर सकता है और ऐसे में ब्लीडिंग का ख़तरा बढ़ जाता है. इसलिए सर्जरी से कम से कम सात दिन पहले इसका इस्तेमाल बंद कर दें.
5. कावा एनेस्थीसिया के दर्दनिवारक असर को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में इसे 24 घंटे पहले बंद कर दें. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कावा और ख़तरनाक हेपैटोटॉक्सिसिटी के संबंध के बारे में सुरक्षा निर्देश जारी करें हैं.
6. सेंट जॉंस पौधा विभिन्न दवाओं के असर को घटा सकता है. इसे कम से कम सर्जरी से 5 दिन पहले लेना बंद कर दें.
7. वैलेरियन एनेस्थेटिक दवाओं के दर्द निवारक असर को बढ़ा सकती है. हालांकि इसके बारे में ज़्यादा रिसर्च उपलब्ध नहीं है, लेकिन बेहतरी के लिए इसे हफ़्ते भर पहले बंद करना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है, तो इसके असर को ख़त्म करने के लिए बेंजोडायजेपाइन से इलाज किया जाना चाहिए.
8. एचिनेसिया का संबंध एलर्जिक रिएक्शन और रोग प्रतिरोधक क्षमता से होता है. इसके संबंध में प्रीऑपरेटिव विराम का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है.
याद रखने वाला संदेश सर्जरी से कम से कम एक हफ़्ते पहले सारी हर्बल चीज़ों का इस्तेमाल बंद कर दें.

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