सरफ़राज़ ख़ान

65 साल ऊपर की उम्र वाली महिलाओं को अपनी सेहत का अतिरिक्त धयान रखना चाहिए. इन महिलाओं को हार्ट अटैक और लकवा से बचाव के लिए एस्पिरिन की हल्की डोज नियमित रूप से लेनी चाहिए.
हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल के मुताबिक़ महिलाओं को कई बातों का धयान रखना चाहिए, जैसे सभी महिलाएं रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करें, लेकिन जो महिलाएं वज़न पर काबू रखना चाहती हैं, उन्हें 60 से 90 मिनट तक हफ्ते के ज्यादातर दिन का सातों दिन मध्यम किस्म की एक्सरसाइज करनी चाहिए.
  • फलों, अनाज व फाइबर युक्त भोजन जिसमें अल्कोहल और सोडियम की मात्रा कम हो वह दिल की सेहत के लिए अच्छा होता है. कम मात्रा में खाएं.  
  • प्रतिदिन ली जाने वाली कुल कैलोरी में सैचुरेटेड फैट की मात्रा सात पर्सेंट से कम होनी चाहिए.  
  • महिलाओं को दिल की बीमारियों से बचाव के लिए एनडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल 70 मिग्रा से कम रखना चाहिए.  
  • 65 से ऊपर की महिलाओं को हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह से नियमित रूप से ऐस्पिरिन लेनी चाहिए, क्योंकि इसमें इन दोनों स्थितियों से बचाव की क्षमता होती है.  
  • 65 साल से कम उम्र की महिलाओं को नियमित रूप से ऐस्पिरिन नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इस उम्र में इससे सिर्फ स्ट्रोक से बचाव के उदाहरण मिलते हैं.  
  • हाई रिस्क ग्रुप वाली महिलाओं में ऐस्पिरिन की अधाकतम डोज 325 एमजी प्रति दिन है.  
  • हृदय बीमारी से बचाव के लिए हार्मोन रीप्लेसमेंट थेरेपी, चुनिंदा एस्ट्रोजेन रीसेप्टर मॉडयूलेटर या एंटीऑक्सीडेंट सप्लीमेंट्स जैसे विटामिन सी और ई नहीं लेने चाहिए.
  • हृदय रोगों से बचाव के लिए फोलिक एसिड का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.  
  • महिलाओं को हफ्ते में कम से कम दो बार ऑयली फिश या ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली कोई अन्य चीज जरूर खानी चाहिए. 
  • महिलाओं को धूम्रपान छोड़ देना चाहिए और इसके बाद दोबारा लत न पड़े इसके लिए काउंसलिंग और निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरपी की मदद भी लेनी चाहिए.

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

  • मां! तुझे सलाम... - *बहुत ख़ुशनसीब होते हैं वो लोग, जिनकी मां उनके पास होती है...बहुत ख़ुशनसीब होते हैं वो लोग, जिनके साथ उनकी मां की दुआएं होती हैं...बहुत ख़ुशनसीब होते हैं...
  • इल्मे-सीना - इल्मे-सीना के बारे में बहुत कम लोग जानना चाहते हैं... दरअसल, इल्मे-सीना आपको किताबों में नहीं मिलता... इसे समझना पड़ता है... और इसे समझने के लिए एक रौशन ज़े...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं