फ़िरदौस ख़ान
केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के ख़िलाफ़ कांग्रेस की नई दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई किसान खेत मज़दूर रैली के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद में सरकार पर हमला बोला. उन्होंने केंद्र सरकार को 'सूट बूट की सरकार’ बताया और प्रधानमंत्री को किसानों से जाकर उनका हाल पूछने और उद्योगपतियों से किए वादे तोड़ने की सलाह भी दी.

लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अच्छे दिन लाने वाली सरकार नाकाम रही.  उन्होंने कहा कि पिछली एनडीए सरकार के दौरान भी कृषि विकास काफ़ी कम रहा. उन्होंने कहा कि अच्छे दिन की सरकार ने देश को बर्बाद कर दिया है. अच्छे दिन की सरकार पूरी तरह फ़ेल हुई है. ज़ोरदार हंगामे के बीच बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, भाजपा कहती कुछ है और करती कुछ है. उन्होंने कहा, विशेषज्ञ कह रहे हैं कि 40 हज़ार करोड़ रूपये का नुक़सान हुआ है. कोई कह रहा है कि 106 लाख हेक्टेयर खेती पर फ़सल का नुक़सान हुआ है, तो कोई 180 के आंकडे दे रहा है. पीएम के बयान को कृषि मंत्रालय ही ग़लत बता रहा है.  पीएम मोदी को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि पीएम को लोगों के खेत में जाकर असल नुक़सान का जायज़ा लेना चाहिए.

राहुल गांधी ने पीएम मोदी निशाना बनाते हुए कहा कि आपकी सरकार बड़े लोगों की सरकार है, सूट बूट की सरकार है. हम ये समझते हैं. एक बात साफ़ है कि आपकी जो सरकार है वो किसानों की मुश्किलों को नज़रअंदाज़ कर रही है. आप भी जानते हैं, हम भी जानते हैं ये कार्पोरेट की सरकार है. प्रधानमंत्री कार्पोरेट से किए वादे तोड़े, किसानों से किए वादें निभाएं. इस पर भाजपा सांसद भड़क गए और हंगामा करने लगे. राहुल गांधी ने इसके बाद कहा कि सूट का मामला तो ख़त्म हो गया है. आपने उसे नीलाम कर दिया. बात रफ़ा-दफ़ा कर दी. उसके बारे में अब हम नहीं बोलेंगे. खुश?

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी राजनीतिक गणित समझते हैं. चुनाव जीते हैं. मेरे दिमाग़ में सवाल उठ रहा है. 60 फ़ीसद जनता खेती पर निर्भर है. मोदी अगर राजनीतिक गणित को समझ रहे हैं, तो वह 60 फ़ीसद लोगों को क्यों नाराज़ कर रहे हैं. इसके बारे में मैंने सोचा. जवाब यह है कि किसानों की ज़मीन की जो क़ीमत है, वह तेज़ी से बढ़ रही है. आपके कॉर्पोरेट दोस्त उसे चाहते हैं. आप एक तरफ़ से किसान-मज़दूर को कमज़ोर कर रहे हो. जब वह कमज़ोर होगा, तो आप उसे अपने ऑर्डिनेंस की कुल्हाड़ी मारोगे. इसलिए आप साठ प्रतिशत लोगों को नाराज़ कर रहे हो. उन्होंने कहा, मैं नितिन गडकरी जी का आभार व्यक्त करना चाहूंगा, क्योंकि वे सच बोलते हैं और दिल से बोलते हैं. उन्होंने कहा कि किसान को ना भगवान पर और ना ही सरकार पर भरोसा करना चाहिए. अच्छी बात है कि उन्होंने अपने मन की बात कही.

राहुल गांधी ने कहा कि हथियारों की बात होती है, लड़ाकू विमान की बात होती है, लेकिन किसानों की बात नहीं होती. उन्होंने कहा कि मीनों की क़ीमत बढ़ती जा रही है और भाजपा सरकार उद्योगपतियों के इशारे पर ज़मीन लेना चाहती है. पीएम को सलाह सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि देश में 60 फ़ीसद किसान-मज़दूर हैं, अगर पीएम अपना पाला बदल लें, तो उन्हें काफ़ी फ़ायदा होगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसान और मज़दूर शक्ति को चोट पहुंचाकर सरकार ठीक नहीं कर रही है. राहुल ने कहा कि देश की शक्ति किसानों के हाथ में, मज़दूरों के हाथ में है.
उन्होंने कहा कि पहले ही मौसम की मार से किसानों की फ़सलें बर्बाद हो गईं. किसानों को बारी नुक़सान हुआ. सरकार उनकी मदद करने के बजाय उन्हें प्रताड़ित कर रही है.  हालत यह है कि किसान उर्वरक लेने जा रहा है वहां उसे लाठियां मिल रही हैं.

लोकसभा में राहुल गांधी का भाषण देखने के लिए क्लिक करें

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