चेन्नई (तमिलनाडु) बच्चों से बदसुलूकी और बलात्कार के दोषियों की सजा पर मद्रास हाईकोर्ट ने एक सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने आदेश जारी कर कहा है कि बच्चों का रेप करने वालों को नपुंसक या बधिया बना देना चाहिए. कोर्ट ने ये फैसला 2011 में 15 साल के बच्चे के यौन उत्पीडऩ के आरोपी ब्रिटिश नागरिक के केस में सुनाया है.
शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी की. कोर्ट ने आगे कहा कि बच्चों के साथ इस तरह की हरकतें देश में सजा के क्रूरतम मॉडल को आकर्षित करती हैं. अदालत ने बेहद तल्ख शब्दों में कहा, 'भारत के विभिन्न हिस्सों में बच्चों से गैंगरेप की विभत्स घटनाओं को लेकर अदालत बेखर या मूकदर्शक बना नहीं रह सकता.
जस्टिस एन किरुबकरण ने अपने आदेश में कहा, 'बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) जैसे कड़े कानून होने के बावजूद बच्चों के खिलाफ अपराध बदस्तूर बढ़ रह हैं' साल 2012 और 2014 के बीच ऐसे अपराधों की संख्या 38,172 से बढ़कर 89,423 तक पहुंच गई है.
जज ने कहा, 'अदालत का मानना है कि बच्चों के बलात्कारियों को बधिया करने से जादुई नतीजे देखने को मिलेंगे' उन्होंने कहा कि इस बुराई में निपटने में ये कानून बेअसर और नाकाबिल साबित हो रहे हैं.  उन्होंने साथ ही कहा कि रूस, पोलैंड और अमेरिका के नौ राज्यों में ऐसे अपराधियों को बधिया करने का प्रावधान है.
कोर्ट ने कहा, 'बधिया करने का सुझाव बर्बर लग सकता है, लेकिन इस प्रकार के क्रूर अपराध ऐसी ही बर्बर सजाओं के लिए माहौल तैयार करते हैं. बहुत से लोग इस बात से सहमत नहीं होंगे, लेकिन परंपरागत कानून ऐसे मामलों में सकारात्मक परिणाम नहीं दे सके हैं.

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