-फ़िरदौस ख़ान
ये राम की सरज़मीं हैं... उस राम की ,जिस पर हिन्दुस्तान को हमेशा नाज़ रहेगा...
ये हमारी ख़ुशक़िस्मती है कि ये हमारी भी जन्मभूमि है, कर्मभूमि है...

बक़ौल अल्लामा इक़बाल-
लबरेज़ है शराबे-हक़ीक़त से जामे-हिन्द
सब फ़लसफ़ी हैं खित्ता-ए-मग़रिब के रामे-हिन्द
ये हिन्दियों के फिक्रे-फ़लक उसका है असर
रिफ़अत में आस्मां से भी ऊंचा है बामे-हिन्द
इस देश में हुए हैं हज़ारों मलक सरिश्त
मशहूर जिसके दम से है दुनिया में नामे-हिन्द
है राम के वजूद पे हिन्दोस्तां को नाज़
अहले-नज़र समझते हैं उसको इमामे-हिन्द
एजाज़ इस चिराग़े-हिदायत का है
यही रोशन तिराज़ सहर ज़माने में शामे-हिन्द
तलवार का धनी था, शुजाअत में फ़र्द था
पाकीज़गी में, जोशे-मुहब्बत में फ़र्द था...

आप सबको राम नवमी की मुबारकबाद

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Blog

  • एक और ख़ुशनुमा दिसम्बर... - पिछले साल की तरह इस बार भी दिसम्बर का महीना अपने साथ ख़ुशियों की सौग़ात लेकर आया है... ये एक ख़ुशनुमा इत्तेफ़ाक़ है कि इस बार भी माह के पहले हफ़्ते में हमें वो ...
  • अल्लाह की रहमत से ना उम्मीद मत होना - ऐसा नहीं है कि ज़िन्दगी के आंगन में सिर्फ़ ख़ुशियों के ही फूल खिलते हैं, दुख-दर्द के कांटे भी चुभते हैं... कई बार उदासियों का अंधेरा घेर लेता है... ऐसे में क...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

Like On Facebook

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं