नई दिल्ली. 1 मार्च से बैंकों ने कैश ट्रांजेक्शन पर बड़े चार्ज लगाने का ऐलान कर दिया है जिसके बाद जाहिर तौर पर आपकी चिंताएं बढ़ गई होंगी. बैंकों ने अब नकद लेनदेन (जमा-कैश निकालने) पर कई तरह का चार्ज लगा दिए हैं. लेकिन अगर आप यहां बताई बातों पर अमल करेंगे तो आपको कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा जानें किस तरह आप कैश ट्रांजेक्शन करने के बावजूद पैसे बचा सकते हैं.
ट्रांजेक्शन चार्ज से बचने के उपाय 
नए नियमों के मुताबिक बैंक की शाखा और एटीएम से मिलाकर 1 महीने में 9-10 लेनदेन मुफ्त होते हैं. 5 बार एटीएम से और और 4 बार बैंकों में पैसे निकालने पर आपको कोई चार्ज नहीं लगेगा. तो कुल मिलाकर 9 बार के कैश ट्रांजेक्शन आप फ्री कर सकते हैं और ये काफी हैं. बैंकों ने भी यही दलील दी है कि सामान्य सेविंग्स अकाउंट में इससे ज्यादा लेन-देन नहीं होता. लिहाजा ट्रांजैक्शन फीस से बड़ी तादाद में लोग प्रभावित नहीं होंगे.इसके लिए सबसे बड़ा सुझाव तो ये भी है कि आप कैश में ट्रांजेक्शन करने से बचें और ज्यादातर ऑनलाइन पैसे भेजें या प्राप्त करें. अगर आपको कैश में काम करने की आदत ज्यादा है भी तो भी एक महीने में 5 बार से ज्यादा एटीएम से पैसे ना निकालें. हर बार थोड़ा-थोड़ा कैश निकालने से बेहतर है आप एक बार में ज्यादा कैश निकालें और उसका इस्तेमाल करें.सरकार ने भीम एप और यूपीआई के जरिए ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए डिजी स्कीम भी लॉन्च की हुई है तो इसके जरिए फ्री में ट्रांजेक्शन भी करें और ईनाम भी जीतें. अब तक हजारों लोग करोड़ रुपये के कैश ईनाम डिजी स्कीम के जरिए जीत चुके हैं. तो आप ऑनलाइन लेनदेन करते हैं तो पेटीएम, फ्रीचार्ज से हटकर सोचें और सरकारी ऑनलाइन पेमेंट सर्विसेज का इस्तेमाल करें.4 ट्रांजेक्शन के बाद 150 रुपये का चार्ज सिर्फ निजी बैंकों ने तय किया है. सरकारी बैंकों में सिर्फ एसबीआई ने ऐसी घोषणा की है और बाकी बैंकों में अभी भी पहले के ही नियम लागू हैं और को-ऑपरेटिव बैंकों में भी आपको फ्री ही कैश जमा करने और निकालने की सुविधा पहले की तरह बदस्तूर मिल रही है तो इन बैंकों में आपके खाते हैं तो उनका ज्यादा इस्तेमाल करें. जानें अलग-अलग बैंकों किस तरह के चार्ज वसूल रहे हैं?
आईसीआईसीआई बैंक के चार्ज
आईसीआईसीआई बैंक में एक एक महीने में पहले चार लेन-देन के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा. उसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा. यह समान महीने के लिए न्यूनतम 150 रुपये होगा. थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन के मामले में सीमा 50,000 रुपये प्रतिदिन होगी. होम ब्रांच के अलावा अन्य शाखाओं के मामले में आईसीआईसीआई बैंक एक महीने में पहली नकद निकासी के लिए कोई शुल्क नहीं लेगा. लेकिन उसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये का शुल्क लेगा. इसके लिए न्यूनतम शुल्क 150 रुपये रखा गया है.
एचडीएफ़सी बैंक के चार्ज
एचडीएफसी बैंक से 4 बार से ज्यादा कैश निकालने पर 150 रुपए फीस अदा करनी होगी. बैंक ने होम ब्रांचेज में भी फ्री कैश ट्रांजैक्शन 2 लाख रुपये की लिमिट लगा दी है. इसके ऊपर कस्टमर्स को न्यूनतम 150 रुपये या 5 रुपये प्रति 1000 रुपये का पेमेंट करना होगा. नॉन-होम ब्रांचेज में मुफ्त लेन-देन 25,000 रुपये है. उसके बाद चार्ज उसी स्तर पर लागू होगा. हालांकि बुजुर्गों और बच्चों के खातों पर किसी तरह का चार्ज नहीं लगाया है और इनमें जमा पर भी कोई चार्ज नहीं लगेगा. कोई दूसरा व्यक्ति यदि आपके खाते में नगद जमा कराना चाहे या निकालना चाहे तो उसके लिए 25 हजार रुपये की सीमा है और वो भी कम से कम 150 रुपये की फीस के साथ
एक्सिस बैंक के चार्ज
कस्टमर्स को हर महीने 5 ट्रांजैक्शन्स फ्री दिए गए हैं. इसके बाद छठे लेनदेन पर कम से कम 95 रुपए प्रति लेनदेन की दर से चार्ज लगाया जाएगा. नॉन-होम ब्रांच के 5 ट्रांजैक्शन फ्री हैं. बैंक ने एक दिन में कैश जमा करने की सीमा 50,000 रुपये फिक्स की है और इससे ज्यादा के डिपॉजिट पर या 6ठें ट्रांजेक्शन पर हरेक 1000 रुपये पर 2.50 रुपये की दर से या प्रति ट्रांजैक्शन 95 रुपये में से जो भी ज्यादा होगा, चार्ज लिया जाएगा.
एसबीआई के चार्ज
सबसे बड़ा सरकारी बैंकएसबीआई भी एक महीने में 3 बार से ज्यादा कैश ट्रांजेक्शन पर सर्विस चार्ज वसूलेगी. साथ ही बैंक ने तय किया है कि वह व्यावसायिक प्रतिनिधि और पीओएस से नकदी निकालने पर निर्धारित सीमा के बाद चार्ज लेगा. होम ब्रांच के सेविंग खाते के एटीएम से ग्राहक महीने में 3 बार ही कैश ट्रांजेक्शन फ्री कर पाएंगे. इससे ऊपर के हर ट्रांजेक्शन पर 50 रुपये सर्विस चार्ज लगेगा.
सरकारी बैंकों में अभी भी नहीं है कोई चार्ज
दो प्रमुख सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक और बैंक  ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों ने साफ किया है कि उनके यहां नगद लेन-देन पर कोई ट्रांजैक्शन फीस नही है. कोई भी बैंक जितना चाहे, जितनी बार चाहे, नगद जमा करा सकता है. 13 मार्च से पैसा निकालने पर कोई पाबंदी नही रहेगी. वहीं केनरा बैंक ने भी कहा है कि वह अपने कस्टमर्स से किसी तरह का चार्ज नहीं वसूलेगा. तो आप चाहें तो इन बैंकों में फभी सेविंग खाता है तो इनका इस्तेमाल कर सकते हैं या नया खाता भी खुलवा सकते हैं.

बैंकों का कहना है कि देश में लेसकैश को बढ़ाने यानी नकद लेन-देन को हतोत्साहित करने के लिए ही नियम बनाए हैं और कि ट्रांजैक्शन फीस का नोटबंदी से कोई लेन-देना नहीं है, ये पहले से ही लागू हैं. सरकार का मानना है कि एटीएम से नकदी निकासी की लागत प्रदर्शन करना चाहिए क्योंकि लोगों को नकदी में लेनदेन की इनबिल्ट कॉस्ट यानी लागत नहीं पता चलती है और कैश में लेनदेन करते रहते हैं जिससे बैंकिंग सिस्टम की भी लागत बढ़ती है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एडीशनल ट्रांजेक्‍शन करने के तौर पर 20 रुपये प्‍लस टैक्‍स को सभी सेंट्रल बैंकों पर लागू किया गया। जिससे कि उनकी सीमा को बढ़ाया जा सके.

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