स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम ने आज मुम्बई हमलों में शहीद हुए लोगों के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम में शहीदों के पांच परिवारों को पेट्रोलियम उत्पादों की डीलरशिप के पत्र सौंपे। शहीदों के आश्रितों की पूर्ण देखभाल की सरकार की वचनबध्दता को पूरा करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र क़ी कपंनी अपने ही खर्च पर उनको डीलरशिप मुहैया करा रही है।
डीलरशिप के ये पत्र स्व. अशोक मारूतराव काम्टे की पत्नी विनीता अशोक काम्टे (पुणे), स्व. विजय मधुकर खांडेकर की पत्नी श्रध्दा वी. खांडेकर (पुणे), स्व. जयवंत हनुमंत पाटिल की पत्नी प्रतिभा जे. पाटिल (किकवे, सतारा में) को दिए गए. स्व. प्रकाश पांडुरंग मोरे की पत्नी माधवी वी. मोरे को एलपीजी डीलरशिप (खरगर, नवी मुम्बई में) और स्व. गजेंद्र सिंह की पत्नी विनीता सिंह को हरिद्वार में एलपीजी डीलरशिप का पत्र सौंपा।
केंद्रीय पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवरा ने इस अवसर पर कहा कि भारत सरकार सामान्य तौर पर तथा पेट्रोलियम मंत्रालय विशेष तौर पर शहीदों के परिवारों को राहत तथा पुनर्वास सहायता करने में सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र की जल्द से जल्द विभिन्न तेल कंपनियों के महाप्रबंधकों से इन रिटेल आउटलेटों के कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए निगरानी रखे। उन्होंने कहा कि देश शहीदों के परिवारों का सम्मान करने की न केवल ज़िम्मेदार बल्कि उनके भविष्य की देखभाल की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देशवासियों को इन शहीदों से कर्तव्य परायणता का सबक सीखना चाहिए। यही इन शहीदों के प्रति देशवासियों की सच्ची श्रध्दांजलि होगी।
26/11 के शहीदों के परिवारों की आय के ज़रिये को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शहीदों के परिवारों को पेट्रो-डीज़ल, एलपीजी तथा सीएनजी की 18 डीलरशिपें देने का फैसला किया है। एक मामले में शहीदों के एक परिवार ने इस प्रकार की सहायता स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। बाकी के 17 आवंटनों के मामलों में से 9 डीलरशिपों ने कार्य आरंभ कर दिया है और दो सीएनजी स्टेशन दिसम्बर, 2009 तक कार्य करना आरंभ कर देंगे तथा बाकी के 6 मामलों काफी प्रगति हो चुकी है।

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