स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. वर्ष 2004 में राज्यों के साथ मिलकर केन्द्रीय भूजल बोर्ड द्वारा किए गए भूजल संसाधनों के मूल्यांकन के अनुसार मानसूनी वर्षा से 248 अरब घन मीटर (बीसीएम) जल संभरण होने का अनुमान किया गया है। देश में 4000 बीसीएम के वार्षिक अवक्षेपण पर विचार करने से यह पता चलता है कि देश में कुल मिलाकर मानसूनी वर्षा से जल संभरण वार्षिक अवक्षेपण का 6.2 प्रतिशत है।

इस मूल्यांकन के अनुसार देश के प्रतिपूर्ति योग्य 433 भूजल संसाधनों का अनुमान किया गया है। प्राकृतिक विसर्जन के लिए 34 बीसीएम रखते हुए कुल भूजल की 399 बीसीएम की वार्षिक उपलब्धता का अनुमान किया गया है। देश में सभी प्रकार के इस्तेमाल के लिए 231 बीसीएम वार्षिक भूजल की वापसी का अनुमान किया गया है जबकि भूजल का विकास 58 प्रतिशत माना गया है। सिंचाई के लिए 212 बीसीएम भूजल की वापसी का अनुमान है जो कुल भूजल वापसी का 92 प्रतिशत है।

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