ठंडी हवाएं

Posted Star News Agency Wednesday, January 06, 2010



ठंडी हवाएं ! फुटपाथों पर भूख, गरीबी, के कम्बल भी काम ना आये !!

पुलिसवालों को दौड़ाया !

पहले भाग निकलने वाला, शायद नंबर वन पर आया !!
जालसाजी !
बिना जाल फैंके ही मछली, फंसने हेतु हो गयी राज़ी !!

अलाव की आस !
मरने से पहले दे देगा, नगर-निगम को है विश्वास !!

अन्याय !
सरकारी सर्विस में भी ग़र, हो ना कहीं अन्य से आय !!

मंसूबे !
जो भी आये बचाने उसको, अपने साथ खींचकर डूबे !!

महापाप !
पापकर्म करके भी कोई, करे नहीं जब पश्चाताप !!

दहशतगर्दी !
दहशत भी तो कांप रही थी, उसकी ऐसी हालत कर दी !!

लापरवाही !
जो अवैध फड लगवाये हैं, उनसे ग़र ना करें उगाही !!

सूचना !
यही सूचना है कि "इसको, आगे से मत पूछना !!"
-अतुल मिश्र

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

  • दोस्तों और जान-पहचान वालों में क्या फ़र्क़ होता है... - एक सवाल अकसर पूछा जाता है, दोस्तों और जान-पहचान वालों में क्या फ़र्क़ होता है...? अमूमन लोग इसका जवाब भी जानते हैं... कई बार हम जानते हैं, और समझते भी हैं, ...
  • दस बीबियों की कहानी - *बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम* कहते हैं, ये एक मौजज़ा है कि कोई कैसी ही तकलीफ़ में हो, तो नीयत करे कि मेरी मुश्किल ख़त्म होने पर दस बीबियों की कहानी सुनूंगी, त...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं