स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. लोक सभा में आज वर्ष 2010-11 का आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भारतीय अनन्य पहचान प्राधिकरण के लिए 1900 करोड़ रुपए का आबंटन किया। उन्होंने कहा कि पिछले बजट के दौरान भारतीय अनन्य पहचान प्राधिकरण के गठन और इसके व्यापक कार्यकरण सिध्दान्तों एवं पहली अनन्य पहचान संख्याओं के प्रदाय समय-सीमा की घोषणा की गई थी। वित्त मंत्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्राधिकरण का गठन कर लिया गया है और यह आगामी वर्ष में पहली अनन्य पहचान संख्याएं जारी करने की अपनी वचनबध्दताएं पूरी करने में समर्थ होगा। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय समावेशन और लक्षित सब्सिडी भुगतानों के लिए प्रभावी मंच भी प्रदान करेगा।
वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि आईटी परियोजनाओं जैसे कर सूचना नेटवर्क, नई पेंशन योजना, राष्ट्रीय राजकोष प्रबंधन एजेंसी, व्यय सूचना नेटवर्क, वस्तु एवं सेवाकर विभिन्न चरणों में चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावी कर प्रशासन और वित्तीय अभिशासन प्रणाली के लिए ऐसी आईटी परियोजनाओं के सृजन की आवश्यकता है, जो विश्वसनीय, सुरक्षित और सक्षम हो। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रौद्योगिकीय और प्रणाली विषयक मामलों की जांच के लिए नन्दन निलेकानी की अध्यक्षता में एक अनन्य परियोजना प्रौद्योगिकी सलाहकार समूह की स्थापना की जाएगी।

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