स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज लोकसभा में वर्ष 2010-11 का बजट पेश करते हुए बताया कि भारतीय अनन्य पहचान प्राधिकरण के लिए 1900 करोड़ रुपये का प्रवाधान किया गया है और विधि एवं न्याय क्षेत्र के लिए 280 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं जिसमें से 120 करोड़ रुपये देश की जिला एवं अधीनस्थ अदालतों के कंप्यूटरीकरण के लिए और 110 करोड़ रुपये न्यायापलिका के अवसंरचनात्मक सुविधा विकास के लिए हैं। न्यायिक सुधार एवं मूल्यांकन प्रास्थिति अध्ययन के लिए 2.43 करोड़ रुपये, न्याय तक सुव्यवस्थित पहुंच के लिए 7.57 करोड़ रुपये और ग्राम न्यायालयों की स्थापना और संचालन के लिए राज्य सरकारों को सहायता नामक एक नई परियोजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
