स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बताया कि विगम पांच वर्षों में, हमारी सरकार ने व्यक्ति के सूचना के अधिकार और अपने कार्य के अधिकार के लिए विधिक गारंटियों द्वारा समर्थित हकदारियों का सृजन किया है। इन वचनबध्दताओं को पूरा करने के लिए, सामाजिक क्षेत्र पर होने वाला व्यय क्रमिक रूप से बढ़ाकर 1,37,674 करोड़ रुपये किया गया है। यह 2010-11 में कुल आयोजना परिव्यय का 37 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि स्कूली शिक्षा के लिए वर्ष 2009-10 के 26,800 करोड़ रुपये के आयोजन आबंटन को बढ़ाकर वर्ष 2010-11 में 31,036 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्यों को वर्ष 2010-11 के लिए 13वें वित्त आयोग द्वारा अनुसंशित अनुदानों के तहत प्रारंभिक शिक्षा के लिए 3,675 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। इसी तरह परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए आयोजना आबंटन को 19,534 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2010-11 में 22,300 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सरकार के लिए ग्रामीण अवसरंचरा का विकास एक उच्च प्राथमिकता का क्षेत्र रहा है। अत: वर्ष 2010-11 के लिए उन्होंने ग्रामीण विकास हेतु 66,100 करोड़ रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव किया है।
