अब तो घबरा के ये कहते हैं कि मर जाएंगे
मर गये पर न लगा जी तो किधर जाएंगे

सामने-चश्मे-गुहरबार के, कह दो, दरिया
चढ़ के अगर आये तो नज़रों से उतर जाएंगे

ख़ाली ऐ चारागरों होंगे बहुत मरहमदान
पर मेरे ज़ख्म नहीं ऐसे कि भर जाएंगे

पहुंचेंगे रहगुज़रे-यार तलक हम क्यूंकर
पहले जब तक न दो-आलम से गुज़र जाएंगे

आग दोजख़ की भी हो आएगी पानी-पानी
जब ये आसी अरक़े-शर्म से तर जाएंगे

हम नहीं वह जो करें ख़ून का दावा तुझपर
बल्कि पूछेगा ख़ुदा भी तो मुकर जाएंगे

रुख़े-रौशन से नक़ाब अपने उलट देखो तुम
मेहरो-मह नज़रों से यारों के उतर जाएंगे

'ज़ौक़' जो मदरसे के बिगड़े हुए हैं मुल्ला
उनको मैख़ाने में ले लाओ, संवर जाएंगे
-ज़ौक़

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

  • एक मुखी रुद्राक्ष - रुद्राक्ष सुर्ख़ियों में है, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों रुद्राक्ष की माला पहन रहे हैं... उनकी दादी जान इंदिरा गांधी भी रुद्राक्ष की माला...
  • अक़ीदत के फूल... - अपने आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को समर्पित कलाम... *अक़ीदत के फूल...* मेरे प्यारे आक़ा मेरे ख़ुदा के महबूब ! सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपको लाखों स...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं