स्टार न्यूज़ एजेंसी
सीतापुर (उत्तर प्रदेश).  कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी इन दिनों उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं. उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर हमला जारी रखते हुए कहा कि ये नेता ग़रीबों के बीच नहीं जात, इसीलिए इन्हें ग़रीबों के दर्द का अहसास नहीं है.

सीतापुर में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा,"मैं आपके घर जाता हूं. कुएं का गंदा पानी पीता हूं. बीमार होता हूं. क्या पिछले पांच साल में आपकी मुख्यमंत्री (मायावती) आपके गांव आईं? आपके कुएं का गंदा पानी पिया? गांव में बिना बिजली के सोईं? बहुत मच्छर काटते हैं. जिस दिन सोएंगी उन्हें आपके दर्द और तकलीफ़ों का अहसास हो जाएगा."

राहुल ने कहा कि मुलायम सिंह यादव कभी ज़मीनी नेता हुआ करते थे. लोगों के बीच जाते थे, लेकिन अब वह बदल गए हैं. आपके बीच नहीं आते. आपसे बात नहीं करते. अब आप ऐसे लोगों को चुनिए जो आपके बीच आए. आपकी बात करें.

मायावती और मुलायम पर रोजगार सृजन के लिए ठोस क़दम न उठाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 22 साल आपने उन्हें दिए. यहां कुछ नहीं हुआ. 22 साल बर्बाद हुए. हमें आप पांच साल दीजिए, दिखाते हैं कि बदलाव क्या होता है. दस साल में आंध्र प्रदेश, केरल और दिल्ली जैसा विकास करके दिखाएंगे. आपके बच्चों के भविष्य का सवाल है. उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि क्या पूरी जिंदगी दूसरे राज्यों में जाकर काम करोगे? क्या उत्तर प्रदेश में आपको रोज़गार का अधिकर नहीं है? दूसरे प्रदेशों में जाकर काम करके उन्हें आगे बढ़ाते हो, लेकिन यहां आपके हाथ बंधे हुए हैं, क्योंकि यहां ग़रीबों की सरकार नहीं बनती. 

प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र जो भी पैसा विकास कार्यों के लिए भेजता है, प्रदेश में उसे हाथी खा जाता है. कांग्रेस शासित राज्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन प्रदेशों में विकास कार्यों से वहां की ग़रीब जनता संतुष्ट है. उन्होंने मनरेगा योजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसे कांग्रेस गरीबों के लिए लेकर आई है. ग़रीबों के लिए इससे पहले कोई प्रभावकारी योजना नहीं थी. उन्होंने कहा कि जहां भी कांग्रेस की सरकार है, वहां मनरेगा से ग़रीब लोगों को काफ़ी फ़ायदा हुआ है. 

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Blog

  • आलमे-अरवाह - मेरे महबूब ! हम आलमे-अरवाह के बिछड़े हैं दहर में नहीं तो रोज़े-मेहशर में मिलेंगे... *-फ़िरदौस ख़ान* शब्दार्थ : आलमे-अरवाह- जन्म से पहले जहां रूहें रहती हैं दहर...
  • अल्लाह और रोज़ेदार - एक बार मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह तआला से पूछा कि मैं जितना आपके क़रीब रहता हूं, आप से बात कर सकता हूं, उतना और भी कोई क़रीब है ? अल्लाह तआला ने फ़रमाया- ऐ म...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

Like On Facebook

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं