स्टार न्यूज़ एजेंसी 
मेरठ (उत्तर प्रदेश).
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि प्रदेश को सरकारें नहीं, आम आदमी बदलता है. उत्तर प्रदेश की सरकारों ने आपको कुछ नहीं दिया, बल्कि आपका 22 साल लिया, आपका पैसा लूटा. हम जो भी करेंगे आम आदमी, ग़रीबों, मज़दूरों, किसानों के लिए करेंगे. हरियाणा, आंध्र प्रदेश, केरल, दिल्ली को बदल दिया और अब यूपी को बदलने जा रहे हैं.
राहुल गांधी ने इस क्रांतिकारी धरती पर इंक़लाबी अंदाज़ में लोगों का आह्वान किया कि अपने बंद हाथों को खोल दें, खड़े हो जाएं, कड़ियां तोड़ दें और उत्तर प्रदेश को बदल डालें. उन्होंने गांधी ने युवाओं से कहा कि देश को एक बार फिर रास्ता दिखाओ.
उन्होंने सपा के चुनावी वादों पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब चुनाव आया है तो मुलायम सिंह जी कहते हैं बिजली देंगे. 22 साल तक नहीं दी. चार  बार मायावती जी, तीन बार मुलायम सिंह जी मुख्यमंत्री थे. तब कुछ भी नहीं किया. उत्तर प्रदेश में कारख़ाने तो हैं नहीं, बिजली कहां से, आसमान से देंगे?
उन्होंने वहां उपस्थित जनसैलाब से कहा कि आप में से कोई भी मुलायम सिंह जी की चुनावी सभा में जाकर कहे कि मुलायम जी, आसमान का रंग नीला है, इसे हरा करवा दें. तो वो तुरंत कह देंगे कि आप हमें मुख्यमंत्री बनवा दें हम आसमान को नीले से हरा करवा देंगे.
इससे पहले आज अम्बेडकर नगर में एक जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि श्री यादव ने कहा है कि वो मुसलमानों को 18 प्रतिशत आरक्षण देंगे, मगर सुप्रीम कोर्ट के अनुसार ये मुमकिन नहीं है. मगर फिर भी वे कहते हैं कि देंगे. यह चुनाव का समय है, इसीलिए चाहे जो वादे करवा लीजिए.
राहुल गांधी कहा कि मुलायम सिंह तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे है. हमने अनाज भेजा, मगर वो आप तक नहीं पहुंचा और उनके लोगों ने सब लूट लिया, अब कहते है कि उत्तर प्रदेश बदलेंगे. जब एक महिला ने कहा कि हमारी कोई नहीं सुनता, तो  राहुल गांधी ने कहा -- आप लोगों की कोई नहीं सुनता, लेकिन मै सुनूंगा. इस मामले में ग़लती मेरी है, मै गांव देहात में आता हूं, मगर कम आता हूं, मुझे ज़्यादा आना चाहिए था. अगर मैं 20-25 बार आया, तो मुझे 100 बार आना चाहिए था.
मेरठ के रामलीला मैदान में बुनकरों का ज़िक्र करते हुए  राहुल गांधी ने बताया कि बुनकर हमारे पास आए और कहा कि उन्हें मदद चाहिए. हमने तत्काल उन्हें प्रधानमंत्री जी से हज़ारों करोड़ का पैकेज दिलवाया, धागों पर छूट दिलवाई, बुनकर क्रेडिट कार्ड दिलाया. तब मुलायम सिंह जी और मायावती जी कहां थीं?
किसानों के मुद्दे पर बात करते हुए  राहुल गांधी ने वहां उपस्थित हज़ारों किसानों से कहा कि भट्टा पारसौल में किसानों पर गोली चली, लोग मरे, तब किसी ने नहीं पूछा कि किसकी ज़मीन है? किसका पैसा है? वहां एक बार भी मायावती जी नहीं गईं लोगों के आंसू पोंछने. कांग्रेस पार्टी के लोग और हम जब गए तो कहतें हैं कि नाटक है. लखनऊ में जादू का हाथी किसानों, मज़दूरों और ग़रीबों का पैसा खा जाता है, वो नाटक है. यह राजनीति नहीं है.
राहुल गांधी ने कहा कि किसानों ने बताया कि हमारे लिए बैंक के दरवाज़े बंद पड़े हैं, क़र्ज़ बढ़ता जा रहा है. हमने किसानों का 60 हज़ार करोड़ रुपये का क़र्ज़ माफ़ कराया और बैंकों के दरवाज़े खुलवा दिए. बुंदेलखंड में सूखा पड़ा तब सपा, बसपा और भाजपा के लोग ‘हाथी’ बनवा रहे थे.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा, जननी सुरक्षा योजना, सूचना का अधिकार दिया और अब खाद्य सुरक्षा क़ानून देने जा रहे हैं,  जिससे हर ग़रीब परिवार को 35 किलो अनाज दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि 2004 में केंद्र में कांग्रेस सरकार ने आम आदमी की सरकार देने का वादा किया. वहीं विपक्षियों ने 20-20 वादे किए, और एनडीए ने सूट का विज्ञापन देखकर इंडिया शाईनिंग का नारा दिया. मगर 2004 और 2009 में देश की जनता ने इन्हें ख़ारिज कर दिया. टीवी देखकर, ‘हिंदुस्तान चमक रहा है’, कहने वाले नेता आप लोगों के बीच नहीं आए, आपसे बात नहीं की, एसी कमरों में बैठकर कह दिया कि हिंदुस्तान चमक रहा है.
राहुल गांधी ने बताया कि हमने 120 रुपये रोज़ के हिसाब से साल में 100 दिनरोज़गार देने की गारंटी देने का काम किया. लोगों ने हमें बताया कि शहरों की तरह गांव में रोज़गार नहीं मिलता. हमने मनरेगा दिया, तो मायावती जी मंच से खड़ी होकर बोलीं कि मनरेगा से किसी को फ़ायदा  नहीं होगा और इंडिया शाईनिंग वालों ने संसद में पूछा कि पैसा कहां से आएगा? आपको दिया गया ये पैसा इनका नहीं, देश के किसान का ग़रीब  का पैसा है. मुलायम जी, मायावती जी कहती हैं नाटक है, बीजेपी पूछती है पैसा कहां से आएगा?

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Blog

  • आलमे-अरवाह - मेरे महबूब ! हम आलमे-अरवाह के बिछड़े हैं दहर में नहीं तो रोज़े-मेहशर में मिलेंगे... *-फ़िरदौस ख़ान* शब्दार्थ : आलमे-अरवाह- जन्म से पहले जहां रूहें रहती हैं दहर...
  • अल्लाह और रोज़ेदार - एक बार मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह तआला से पूछा कि मैं जितना आपके क़रीब रहता हूं, आप से बात कर सकता हूं, उतना और भी कोई क़रीब है ? अल्लाह तआला ने फ़रमाया- ऐ म...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

Like On Facebook

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं