फ़िरदौस ख़ान
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने आज हिमाचल प्रदेश के सोलन में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ही देश का विकास कर सकती है, जबकि भाजपा विकास की हर योजना का विरोध करती है.

उन्होंने कहा कि हम भोजन का अधिकार देना चाहते हैं, शिक्षा का अधिकार देना चाहते हैं. आरटीआई दिया. जो भी हम कर रहे हैं सबके लिए कर रहे हैं. सबके विकास के लिए कर रहे हैं. बीजेपी भ्रष्टाचार की बात करती है. भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सबसे बड़ा काम आरटीआई है. जितना फ़ायदा आम जनता को भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मिला है आरटीआई से, शायद किसी और योजना से नहीं मिला. जहां भी हमें भ्रष्टाचार मिलता है, हम सख्त एक्शन लेते हैं. हमारे मंत्री जेल में हैं और बीजेपी क्या करती है. भ्रष्टाचार की बात करती है और यहां पर ग़रीब लोगों की ज़मीन लेकर अमीर लोगों को पकड़ा देती है. लैंड एक्यूजिशन बिल आया. हमने कहा, देखिये जिसकी भी जितनी ज़मीन ली जाती है. उसको उसका हक़ मिलना चाहिए. ज़मीन  का उतना ही दाम मिलना चाहिए. उत्तर प्रदेश में हज़ारों ग़रीब किसानों के लिए हम बिल लाए, क्या हुआ? बीजेपी के लोग खड़े हुए संसदीय समिति में उस बिल को रोक दिया. एक दूसरे से कहते हैं- भैया इसको लंबा खींचों, इसको नहीं आना चाहिए. नुक़सान किसका होता है? नुक़सान बीजेपी का नहीं होता है, नुक़सान ग़रीब किसान का होता है. उसका होता है जिसकी ज़मीन छीनी जाती है, लेकिन इससे उनको कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है. अब देखिये, संसद बिल पास करती है. भोजन का अधिकार, मनरेगा, क़र्ज़ माफ़ी, आरटीआई. जो भी हम संसद में लाते हैं. चाहे कुछ भी हो बीजेपी विरोध करती है. डिफेंस नहीं करते, बात नहीं करते, विरोध करते हैं. उनकी सोच है कि 2004 में हम चुनाव हारे, 2009 में हम चुनाव हारे, तो भैया हमें रोक लगानी है. सरकार को रोकना है, क्योंकि अगर यह काम कर जाएंगे तो फिर से यह 2014 में जीतेंगे. यही सोच है इनकी. यह जानते हैं कि अगर यूपीए भोजन का अधिकार दिया, भूमि अधिग्रहण बिल पास किया तो यह कभी चुनाव नहीं जीत सकते. इसीलिए बीच में फ़ालतू की बात उठाते हैं। हिमाचल प्रदेश की बात करना चाहता हूं. यहां हॉटिकल्चर का काम होता है. मशरूम कैपिटल है हिन्दुस्तान की. हमने एफडीआई की बात उठाई. एफडीआई का मतलब बहुत सरल है. इसका मतलब है किसान को फ़ायदा होगा. जो आज किसान उगाता है और जिस सामान का दाम उसे ठीक नहीं मिलता है, वह एफडीआई से मिलने लगेगा. डिबेट नहीं की. बातचीत नहीं की. आप से भी नहीं पूछा. सीधा कह दिया इसका हम विरोध करेंगे. यह नहीं सोचा कि जो किसान हैं उनका क्या होगा. सीधा कह रहे हैं कि भैया कांग्रेस पार्टी कह रही है, यूपीए कह रही है तो इसे मत होने दो. हम भी विपक्ष में थे.  कारगिल की लड़ाई हुई कांग्रेस पार्टी ने पूरा समर्थन दिया. जहां भी हमें लगा कि विकास का काम हो रहा है. हमने पूरा समर्थन दिया.

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